कटिहार : सीमांचल के सबसे बड़े रेलवे स्टेशनों में शामिल कटिहार जंक्शन पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया सोलर पार्क प्रतीक्षालय इन दिनों उपयोग से बाहर है. पार्क के प्रतीक्षालय के गेट पर ताला लटका रहने से यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. भीषण गर्मी और उमस के बीच प्लेटफॉर्म पर जगह नहीं मिलने पर यात्रियों को खुले में बैठकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा है.
132 केडब्ल्यूपी का सोलर प्लांट, फिर भी प्रतीक्षालय पर ताला
जानकारी के अनुसार, कटिहार जंक्शन स्टेशन परिसर में 132 केडब्ल्यूपी का सोलर पावर प्लांट लगाया गया है. सोलर पार्क का उद्घाटन 11 अगस्त 2026 को एनएफ रेलवे के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने डीआरएम किरेन्द्र नरह की मौजूदगी में किया था. पार्क में उद्घाटन से संबंधित शिलापट्ट भी लगाया गया है.
यात्रियों की सुविधा के लिए तैयार इस पार्क के प्रतीक्षालय में उद्घाटन के बाद से ही ताला लटका रहने की बात सामने आ रही है. ऐसे में यात्री सुविधा के लिए तैयार किए गये इस परिसर के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं.
कटिहार के अलावा इन जिलों से आते हैं यात्री
कटिहार जंक्शन पर कटिहार के अलावा पूर्णिया, अररिया और किशनगंज समेत सीमांचल के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं. ट्रेन के इंतजार के दौरान प्लेटफॉर्म पर जगह नहीं मिलने पर यात्री सोलर पार्क स्थित प्रतीक्षालय का रुख करते हैं.
लेकिन गेट पर ताला देखकर उन्हें वापस लौटना पड़ता है. गर्मी और उमस के बीच कई यात्री खुले स्थानों में बैठकर ट्रेन का इंतजार करने को मजबूर हैं.
यात्रियों ने पूछा- जब खोलना ही नहीं तो निर्माण क्यों?
यात्रियों का कहना है कि अगर प्रतीक्षालय का नियमित रूप से इस्तेमाल ही नहीं होना है, तो यात्री सुविधा के लिए इसका निर्माण कराने का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है. यात्रियों ने रेल प्रशासन से मांग की है कि प्रतीक्षालय को नियमित रूप से खोला जाए, ताकि उन्हें इसका वास्तविक लाभ मिल सके.
यात्रियों का सवाल है कि यात्री सुविधा के लिए बनाया गया सोलर पार्क अगर ताले में बंद रहेगा, तो इसका फायदा आखिर किसे मिलेगा?