कटिहार शहर में रविवार सुबह 9:30 बजे हुई झमाझम बारिश ने नगर निगम के मानसून पूर्व जलनिकासी के दावों की हवा निकाल दी. महज कुछ ही देर की बारिश में पूरा शहर पानी-पानी हो गया और सड़कें जलमग्न होकर तालाब में तब्दील हो गईं.
शहर के मुख्य इलाकों में घुटने तक पानी भर जाने के कारण कई घंटों तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा. हालत यह रही कि पैदल चलना भी दूभर हो गया और नाले उफनने से सड़क और ड्रेनेज का फर्क मिट गया.
गर्ल्स स्कूल रोड और सदर अस्पताल मार्ग पर सबसे विकट स्थिति
जलजमाव का सबसे भीषण असर शहर के प्रमुख सार्वजनिक मार्गों पर देखने को मिला:
- गर्ल्स स्कूल रोड तालाब बनी: छात्राओं और आम नागरिकों के लिए अत्यंत व्यस्त यह सड़क पूरी तरह डूब गई. सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के बीच बाइक सवार, ऑटो और ई-रिक्शा (टोटो) लगातार फिसलते रहे.
- अस्पताल जाने का रास्ता अवरुद्ध: सदर अस्पताल रोड में जलभराव के कारण मरीजों और एंबुलेंस को अस्पताल परिसर तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी.
- अन्य प्रमुख इलाके जलमग्न: कालीबाड़ी रोड, दुर्गा स्थान चौक, बिनोदपुर और न्यू मार्केट रोड की सड़कें भी पूरी तरह नाबदान के गंदे पानी से लबालब नजर आईं.
दुकानों और घरों में घुसा गंदा पानी, व्यापार हुआ ठप
निचले इलाकों और मुख्य बाजारों में जल निकासी की व्यवस्था न होने से नागरिकों को दोहरा नुकसान झेलना पड़ा:
- न्यू मार्केट और व्यावसायिक इलाकों में सड़क का पानी दुकानों के भीतर घुस गया, जिससे व्यापारियों के सामान भीगने से आर्थिक क्षति हुई.
- दिनभर बाजारों में पानी और कीचड़ जमा रहने से ग्राहक खरीदारी के लिए नहीं पहुंचे, जिससे रविवार का कारोबार पूरी तरह मंदा रहा और दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे.
नालों की सफाई न होने पर नगर निगम के खिलाफ भारी आक्रोश
शहरवासियों और स्थानीय व्यापारियों ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं:
- उड़ाही के नाम पर खानापूर्ति: नागरिकों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले नालों की तली झाड़ सफाई नहीं कराई गई. केवल कागजों पर खानापूर्ति कर फंड खपाया गया, जिसका खामियाजा आज पूरा शहर भुगत रहा है.
- लगातार बारिश का डर: आक्रोशित लोगों का कहना है कि जब आधे घंटे की बारिश में शहर डूब जाता है, तो अगर 4-5 घंटे लगातार मूसलाधार बारिश हो गई, तो घरों में रहना तक मुश्किल हो जाएगा.
- स्थायी समाधान की मांग: लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से अपील की है कि जलनिकासी के लिए तुरंत शक्तिशाली पंप लगाए जाएं और शहर के प्रमुख नालों के निर्माण व सफाई का स्थायी समाधान निकाला जाए.