Katihar Falka Firing: कटिहार के फलका में शनिवार की रात यात्री बसों को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग की घटना से इलाके में सनसनी फैल गयी. फलका-कटिहार मुख्य मार्ग पर फलका बाजार स्थित धर्मकांटा के पास खड़ी तीन यात्री बसों पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. फायरिंग इतनी जोरदार थी कि तीनों बसों के सामने के शीशे चकनाचूर हो गये. गनीमत रही कि बसों में उस समय यात्री नहीं थे और किसी को गोली नहीं लगी.
घटना के पीछे बस संचालन को लेकर दो पक्षों के बीच चल रहा विवाद और कथित रंगदारी की मांग बतायी जा रही है. पीड़ित बस संचालक ने आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है. पुलिस ने घटनास्थल से तीन खोखे बरामद किये हैं.
तीन बाइकों पर पहुंचे बदमाश और शुरू कर दी फायरिंग
पीड़ित बस संचालक इसरार आलम ने पुलिस को दिये आवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी तीन बसें फलका बाजार के पास धर्मकांटा के समीप एसएच-77 के किनारे खड़ी थीं. इसी दौरान पूर्णिया जिले के धमदाहा थाना क्षेत्र के बजराहा गांव निवासी बुलेट यादव अपने भांजे कबीर कुमार यादव, कुक्कू यादव और अन्य साथियों के साथ तीन बाइक से वहां पहुंचे.
आरोप है कि वहां पहुंचते ही बदमाशों ने बसों को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. अचानक हुई गोलीबारी से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गयी. फायरिंग के बाद आरोपी मौके से फरार हो गये.
गोलीबारी में तीनों बसों के आगे के शीशे टूट गये. घटना के बाद बस संचालकों और आसपास के लोगों में दहशत फैल गयी.
पहले विवाद, फिर रंगदारी की मांग का आरोप
बस संचालक इसरार आलम ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि कुछ दिनों पहले उनका और एक ट्रैवल्स के कर्मियों के बीच विवाद हुआ था. इसके बाद समझौते के लिए उन्हें पकड़िया स्थित पेट्रोल पंप पर बुलाया गया था.
पीड़ित का आरोप है कि वहां आरोपियों ने कथित तौर पर रंगदारी की मांग की. रकम नहीं देने पर बसों का परिचालन नहीं करने देने की धमकी भी दी गयी थी. इसके बाद शनिवार रात बसों पर फायरिंग की घटना हुई.
हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गोलीबारी के पीछे वास्तविक कारण क्या था और रंगदारी की मांग तथा फायरिंग की घटना के बीच क्या संबंध है.
पुलिस के देर से पहुंचने पर भड़का आक्रोश
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस के पहुंचने में देरी को लेकर बस संचालकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गयी. रविवार को आक्रोशित बस संचालकों और ग्रामीणों ने फलका बाजार के मुख्य चौक पर एसएच-77 तथा फलका-गेड़ाबाड़ी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया.
सड़क जाम होते ही दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गयी. आवागमन प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष प्रहलाद यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाया और काफी प्रयास के बाद सड़क जाम हटवाया गया.
तीन खोखे मिले, एफएसएल टीम ने भी की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए सदर डीएसपी-2 सुनील कुमार शर्मा भी मौके पर पहुंचे. जिले से एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया. टीम ने घटनास्थल और बसों की जांच कर साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया.
पुलिस को घटनास्थल से तीन खोखे मिले हैं. बरामद खोखों को जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है. पुलिस अब गोलीबारी में इस्तेमाल हथियार, आरोपियों की गतिविधियों और घटना से पहले हुए विवाद की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.
आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी, जांच में जुटी पुलिस
सदर डीएसपी-2 सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि मामले में बस स्टैंड संचालक सहित आठ लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है. घटनास्थल से तीन खोखे बरामद हुए हैं. पुलिस मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई कर रही है.
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बस संचालन को लेकर विवाद कब और कैसे शुरू हुआ, कथित रंगदारी की मांग किस स्तर पर हुई और फायरिंग में कौन-कौन लोग शामिल थे.
Katihar Falka Firing: बसों पर फायरिंग ने खड़े किये सुरक्षा पर सवाल
फलका-कटिहार मुख्य मार्ग पर यात्री बसों को निशाना बनाकर की गयी फायरिंग ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिये हैं. जिस स्थान पर बसें खड़ी थीं, वहां हथियारबंद लोगों का पहुंचना और फायरिंग कर फरार हो जाना गंभीर घटना है.
अब पुलिस के सामने आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ यह चुनौती भी है कि बस संचालकों और यात्रियों के बीच सुरक्षा का भरोसा कायम किया जाए. जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि यह घटना आपसी विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क सक्रिय है.
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