आजमनगर प्रखंड क्षेत्र के बहरखाल, आजमनगर एवं धबोल सहित कई अन्य जगहों पर आरडब्लूडी बिहार एफएफ लिखा हुआ फ्लड फाइटिंग की सैकड़ों बोरियां पूरी तरह से बर्बाद हो गयी है. जो आने वाले दिनों में किसी भी तरह के उपयोग में नहीं लिया जा सकता है. क्योंकि बोरियां पूरी तरह से मिट्टी में मिल चुकी है. साथ ही बोरियों की स्थिति काफी नाजुक हो चुकी है. अधिकारियों की लापरवाही के कारण या यूं कहें की देखरेख के अभाव में लाखों रुपये का नुकसान होता दिख रहा है. जिसका जीता जागता मिसाल प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न तटबंध पर रखे फ्लड फाइटिंग के मिट्टी भरी बोरियां एक मिसाल है. सरकार हर वर्ष फ्लड को लेकर पूर्व से ही बाढ़ से ग्रसित क्षेत्र में प्रलयकारी बाढ़ से तटबंध को बचाने के लिए इस तरह की बोरियां का भंडारण किया जाता है. जहां जरूरत होती है वहां इसका इस्तेमाल किया जाता है. बहरखाल, आजमनगर एवं धबोल सहित कई अन्य जगहों पर जांच टीम के द्वारा निरीक्षण किया गया था. बावजूद इसके तटबंध के किनारे रखें फ्लड फाइटिंग के बोरियों को अधिकारियों द्वारा अनदेखी कर दी गयी. जिसका परिणाम सरकार के राजस्व से लाखों रुपए का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है. मामले को लेकर आमलोगों में आक्रोश है. कहते हैं एसडीओ ———————— विभागीय एसडीओ धीरेंद्र कुमार ने दूरभाष पर जानकारी देते हुए कहा है कि जो बोरियां इस्तेमाल में लिया गया है. उन्हीं बोरियों का भुगतान किया जाता है. जो बोरियां उपयोग में नहीं आती है. उसका हमलोग भुगतान नहीं करते हैं. वह हमारे विभाग से बाहर का है.
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