समेली (कटिहार) : प्रखंड की पश्चिम चांदपुर पंचायत में कोसी नदी के रौद्र रूप से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. पंचायत के वार्ड संख्या 1 से 7 तक करीब 200 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है. पानी घरों में प्रवेश करने से लोगों के सामने भोजन, जरूरी सामान और पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है.
बाढ़ के कारण घरों में रखा अनाज, कपड़े और अन्य जरूरी सामान खराब हो गये हैं. वहीं चारों तरफ पानी फैलने से पशुपालकों की परेशानी और बढ़ गयी है. चारा नहीं मिलने के कारण कई लोग मवेशियों को लेकर ऊंचे स्थानों और दूसरे गांवों की ओर जाने को मजबूर हैं.
पूर्व मुखिया ने 200 परिवारों तक पहुंचाया राशन
मुश्किल हालात के बीच पंचायत के पूर्व मुखिया प्रभात कुमार प्रताप उर्फ पप्पू यादव ने वार्ड 1 से 7 तक के करीब 200 बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच सूखा राशन वितरित किया.
राशन में चूड़ा, गुड़, सत्तू, बिस्किट और अन्य जरूरी सामग्री शामिल थी. वितरण के दौरान वार्ड सदस्यों और ग्रामीणों ने भी सहयोग किया.
बाढ़ की स्थिति के मुख्य बिंदु
- पश्चिम चांदपुर पंचायत के वार्ड 1 से 7 तक बाढ़ का पानी पहुंचा.
- करीब 200 घर बाढ़ से प्रभावित.
- घरों में रखा अनाज और जरूरी सामान खराब होने की शिकायत.
- पशुओं के चारे का संकट गहराया.
- कई परिवार मवेशियों को लेकर ऊंचे स्थानों की ओर जा रहे.
- पूर्व मुखिया ने 200 परिवारों के बीच सूखा राशन बांटा.
- ग्रामीणों ने नाव और सामुदायिक रसोई शुरू करने की मांग की.
ग्रामीणों का दावा- अब तक नहीं पहुंची सरकारी सहायता
राशन वितरण के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने दावा किया कि अब तक प्रशासन की ओर से उनके बीच किसी तरह की सरकारी सहायता नहीं पहुंची है. ग्रामीणों के अनुसार, प्रभावित इलाकों में न तो नाव की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही सामुदायिक रसोई शुरू की गयी है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ पीड़ित परिवारों को जल्द चिन्हित करने, सामुदायिक रसोई शुरू करने और सरकारी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है.
चारे के संकट से बढ़ी पशुपालकों की परेशानी
बाढ़ के पानी से खेत और आसपास के इलाके डूबने के कारण पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता प्रभावित हुई है. पशुपालकों के सामने मवेशियों को सुरक्षित रखने और उनके लिए भोजन जुटाने की चुनौती है. कुछ परिवार मवेशियों को लेकर ऊंचे स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं.
राशन वितरण के दौरान वार्ड सदस्य विवेकानंद यादव, अरुण पासवान, पंकज यादव, गुलाब कुमार, सुजीत यादव, रामविलास यादव, कृष्णदेव यादव, प्रणव खगेश यादव, सुभाष यादव समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे.
बाढ़ प्रभावित लोगों का कहना है कि निजी स्तर पर मिल रही मदद से तत्काल राहत तो मिल रही है, लेकिन बढ़ते पानी को देखते हुए नाव, भोजन, पशुचारा और सरकारी राहत व्यवस्था को जल्द मजबूत करने की जरूरत है.