कटिहार. जिले में मानसून प्रवेश कर गया है. रुक-रुक कर बारिश हो रही है. इस बीच जिले के महानंदा नदी के जलस्तर में कहीं मामूली कमी हुई है तो कहीं स्थिर है. जबकि गंगा एवं कोसी नदी के जलस्तर में शुक्रवार को भी वृद्धि दर्ज की गयी है. जिस तरह रुक रुक कर बारिश हो रही है तथा नदियों के जलस्तर में उतार चढ़ाव होने से बाढ़ आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. जल स्तर में वृद्धि होने से लोगों के बीच बाढ़ एवं कटाव को लेकर दहशत भी होने लगी है. लोगों के बीच दहशत होने का कारण यह भी है कि कदवा प्रखंड में महानंदा तटबंध के कट जाने की वजह से बाढ़ की संभावना प्रबल बन रही है. तमाम कोशिशों के बाद भी कटान वाली जगह को अब तक बांधा नहीं जा सका है. उल्लेखनीय है कि पिछले कई वर्षों से कमोवेश हर साल यह जिला बाढ़ की त्रासदी झेलती रही है. बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अनुसार महानंदा नदी झौआ में गुरुवार की शाम जलस्तर 31.35 मीटर था, जो गुरुवार की सवेरे जलस्तर घटकर 31.31 मीटर हो गया. इसी नदी के बहरखाल में 31.05 मीटर था, जो घटकर 31.03 मीटर हो गया. कुर्सेल में गुरुवार की शाम 31.37 मीटर था, जो शुक्रवार की सवेरे घटकर 31.32 मीटर हो गया. इसी नदी के दुर्गापुर में जलस्तर 28.05 मीटर था, जो 12 घंटे बाद 28.05 मीटर ही रहा है. गोविंदपुर में इस नदी का जलस्तर शाम में 26.34 मीटर था, जो शुक्रवार की सुबह जलस्तर बढ़कर 26.34 मीटर हो गया. इस नदी का जलस्तर आजमनगर व धबोल में भी घट रही है. आजमनगर में इस नदी का जलस्तर 29.95 मीटर था. शुक्रवार की सवेरे यहां का जलस्तर 29.95 ही रहा. धबौल में इस नदी का जलस्तर 29.20 मीटर दर्ज किया गया है. यहां का जलस्तर 12 घंटे के बाद शाम में 29.20 मीटर ही रहा है.
गंगा व कोसी के जलस्तर में जारी है वृद्धि
गंगा एवं कोसी नदी के जलस्तर भी वृद्धि जारी रही है. गंगा नदी के रामायणपुर में गुरुवार की शाम 22.97 मीटर दर्ज किया गया, जो शाम में बढ़कर 23.00 मीटर हो गया. इसी नदी के काढ़ागोला घाट पर जलस्तर में अभी कमी है. कोसी नदी का जलस्तर कुरसेला रेलवे ब्रिज पर गुरुवार की शाम जलस्तर 24.42 मीटर दर्ज की गयी. शाम में यहां का जलस्तर बढ़कर 24.52 मीटर हो गया है. बरंडी नदी के जलस्तर में भी कमी दर्ज की गयी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
