मनसाही के दो पंचायतों में 72 घंटे से बिजली ठप: दर्जनों गांवों में पानी के लिए हाहाकार, शिविर कार्य प्रभावित, शाम तक आपूर्ति न होने पर NH-131A जाम करने की चेतावनी

कटिहार जिले के मनसाही प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कुरेठा और बरझल्ला पंचायत के दर्जनों गांवों में पिछले 72 घंटों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है. बुधवार की आधी रात से गुल हुई बिजली शनिवार सुबह तक बहाल नहीं हो सकी है, जिससे भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण उपभोक्ताओं में हाहाकार मचा हुआ है. विद्युत विभाग के गैर-जिम्मेदाराना रवैये और कनीय अभियंता (JE) द्वारा फोन न उठाए जाने से नाराज ग्रामीणों का आक्रोश अब फूट पड़ा है.

आंधी-बारिश में टूटे 440 वोल्ट के तार, इन मुख्य गांवों में छाया है अंधेरा

स्थानीय इनपुट के अनुसार, बीते बुधवार की रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के दौरान कुरेठा गांव में कई जगहों पर 440 वोल्ट के मुख्य विद्युत तार टूटकर जमीन पर गिर गए थे. इस हादसे के बाद से ही पूरे क्षेत्र की बिजली काट दी गई, जिसे दुरुस्त करने के लिए विभाग ने तीन दिनों बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. बिजली न रहने से बरझल्ला पंचायत के भगत टोला संथाली गांव, महादेव नगर, नया टोला, कामीपुर, परसा सहित कुरेठा पंचायत के मुख्य कुरेठा गांव, गोविंदपुर, धनपारा और पिंडा जैसे दर्जनों गांवों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है.

जेई और कर्मचारी नहीं उठा रहे फोन; पेयजल संकट गहराया, टोटो और मोबाइल चार्जिंग भी बंद

प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली संकट की शिकायत करने के लिए जब भी विद्युत विभाग के कनीय अभियंता (JE) या अन्य तकनीकी कर्मचारियों के मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया जाता है, तो वे फोन रिसीव नहीं करते हैं. लगातार तीन दिनों से बिजली गुल रहने के कारण सबसे विकट समस्या पेयजल (पीने के पानी) की खड़ी हो गई है, क्योंकि पानी की टंकियां और मोटर पूरी तरह बंद हैं. इसके अलावा, लोगों के मोबाइल फोन बंद हो चुके हैं और स्थानीय स्तर पर परिवहन का मुख्य साधन माने जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक टोटो (ई-रिक्शा) को चार्ज करने के लिए चालकों को कई किलोमीटर दूर दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है. इस अंधकार के कारण बच्चों की पढ़ाई और स्थानीय बाजार का व्यवसाय पूरी तरह ठप पड़ गया है.

कुरेठा पंचायत भवन में शिविर कार्य ठप, रेलवे लाइन के उत्तर में भेदभाव का आरोप

इस बिजली संकट का सीधा असर अब सरकारी योजनाओं पर भी दिखने लगा है. कुरेठा पंचायत भवन में आम जनता की सुविधाओं के लिए दो महत्वपूर्ण सरकारी शिविरों (कैंप) का संचालन किया जा रहा था. परंतु लगातार 72 घंटे से बिजली न होने के कारण कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट उपकरण पूरी तरह बंद पड़े हैं, जिससे दूर-दराज से आए गरीब लाभुकों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है.

ग्रामीणों ने विभागीय कार्यशैली पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए बताया कि कुरेठा रेलवे स्टेशन के दक्षिणी दिशा में बसे सभी गांवों की बिजली को मरम्मत कर शुक्रवार को ही सुचारू कर दिया गया है. इसके विपरीत, रेलवे लाइन के उत्तरी दिशा में स्थित आधा दर्जन से अधिक गांवों को जानबूझकर भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है. गौरतलब है कि इसी समस्या को लेकर शुक्रवार को हफलागंज और आसपास के ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे को जाम कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था.

मनिया चौक पर NH-131A जाम करने की बड़ी चेतावनी, ये उपभोक्ता रहे शामिल

विद्युत विभाग की इस घोर लापरवाही के खिलाफ अब मनसाही प्रखंड के ग्रामीण आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं. स्थानीय उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन और बिजली कंपनी को अंतिम अल्टीमेटम दे दिया है. चेतावनी देने वाले मुख्य ग्रामीणों में अवधेश प्रसाद यादव, गणेश चौधरी, नरेश मंडल, विजय मंडल, त्रिलोकी सिंह, धर्मवीर राय, राजा कुशवाहा, कैलाश राय, चंदन कुमार, अशोक शर्मा, मनोज उरांव, दिलीप टप्पू, तूफानी उरांव, गोपाल सिंह, भोला उरांव और छोटू शाह सहित दर्जनों प्रबुद्ध नागरिक शामिल हैं. इन सभी ने दो टूक लहजे में कहा है कि यदि शनिवार देर शाम तक उनके गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं की गई, तो वे सभी मनिया चौक के पास एकत्र होकर नेशनल हाईवे 131ए (NH-131A) को पूरी तरह जाम कर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी.

मनसाही (कटिहार) से ललित कुमार की रिपोर्ट:

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Published by: Divyanshu Prashant

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