कटिहार के दुर्गास्थान शनि मंदिर में शनिवार को उमड़ेगा आस्था का सैलाब: सुबह और शाम होगी भव्य सामूहिक आरती, पुजारी ने बताया पूजा का विशेष महत्व

कटिहार शहर के हृदय स्थली दुर्गास्थान चौक के समीप स्थित भगवान शनिदेव का प्राचीन मंदिर स्थानीय सनातन धर्मावलंबियों की अगाध आस्था का एक बड़ा केंद्र बना हुआ है. इस सिद्धपीठ की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली हुई है, जहां प्रति शनिवार को अपनी कुंडली के कष्टों के निवारण और न्याय के देवता के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. शनिवार के विशेष संयोग को लेकर मंदिर प्रबंधन और मुख्य पुजारी द्वारा सामूहिक आरती व महापूजा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

प्रतिदिन जुटती है भारी भीड़, भोर से ही गूंजने लगते हैं शंखनाद

स्थानीय भक्तों के बीच इस मंदिर की बड़ी मान्यता है. यूं तो मयूर चौक और दुर्गास्थान के इस क्षेत्र में स्थित शनि देव मंदिर में हर दिन बड़ी तादाद में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन साप्ताहिक शनिवार के दिन का यहाँ एक खास और विशिष्ट महत्व माना जाता है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार के दिन नियम-निष्ठा के साथ कर्मफल दाता शनि महाराज की आराधना करना बेहद शुभ और फलदायी होता है. सामान्य दिनों की तरह ही यहाँ प्रतिदिन सुबह और शाम को विशेष वैदिक पद्धति से पूजन व आरती संपन्न की जाती है, जिसमें शहर के प्रबुद्ध नागरिक और महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं.

शनिवार की विशेष समय-सारणी: सुबह 07:30 बजे से शुरू होगा महाअनुष्ठान

शनिवार को मंदिर में आने वाले भक्तों की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मुख्य पुजारी द्वारा पूजा और सामूहिक आरती का समय निर्धारित कर दिया गया है:

  • प्रातः कालीन महापूजा: शनिवार सवेरे 07:30 बजे से मुख्य गर्भगृह में भगवान शनिदेव का विशेष तेल्याभिषेक (सरसों तेल से स्नान) और विधि-विधान से पूजा-अर्चना शुरू होगी, जिसके तुरंत बाद सुबह की भव्य आरती का आयोजन किया जाएगा.
  • संध्या कालीन सामूहिक महाआरती: शाम को ठीक 06:00 बजे ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और बड़ी घंटियों की गूंज के बीच संध्या आरती की जाएगी. मंदिर कमेटी ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस निर्धारित समय पर उपस्थित होकर सामूहिक आरती कार्यक्रम का हिस्सा बनें और पुण्य के भागीदार बनें.

नियम पूर्वक पूजा करने से प्रसन्न होते हैं न्याय के देवता: पुजारी कैलाश शर्मा

शनिवार की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए शनि देव मंदिर के मुख्य पुजारी कैलाश शर्मा ने बताया कि मानव जीवन में शनिदेव की कृपा का बहुत बड़ा स्थान है. वे जातकों को उनके कर्मों के अनुसार न्याय प्रदान करते हैं.

पुजारी कैलाश शर्मा ने भक्तों को संदेश देते हुए कहा कि जो भी श्रद्धालु शनिवार के दिन पूर्ण सात्विकता और नियम पूर्वक भगवान शनि महाराज की चौखट पर आकर सरसों तेल का दीपक जलाते हैं, काला तिल व नीले पुष्प अर्पित करते हैं, शनि देव उनसे अत्यंत प्रसन्न होते हैं. न्यायदेव अपने सच्चे भक्तों के जीवन से साढ़ेसाती, ढैय्या और सभी प्रकार के मानसिक व शारीरिक कष्टों को दूर कर सुख, समृद्धि और अटूट आशीर्वाद प्रदान करते हैं.

कटिहार से सूरज गुप्ता की रिपोर्ट:

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Published by: Divyanshu Prashant

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