कटिहार के प्रसिद्ध सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब: संगमरमर की प्रतिमा के दर्शन को जुटेंगे श्रद्धालु, जानें महाआरती का पूरा समय

कटिहार जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र में दुर्गास्थान चौक के समीप स्थित सुप्रसिद्ध सार्वजनिक दुर्गा मंदिर की महिमा और ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है. यहाँ हर दिन माता रानी के दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं की इतनी भारी भीड़ उमड़ती है कि प्रतिदिन मंदिर परिसर में मेले जैसा नजारा देखने को मिलता है. श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए मंदिर प्रबंधन ने पूजा-अर्चना और महाआरती का नया समय निर्धारित कर दिया है.

मनोकामना पूर्ण करने वाला सिद्धपीठ, संगमरमर की दिव्य प्रतिमा है मुख्य आकर्षण

दुर्गास्थान चौक स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर के प्रति पूरे कटिहार जिले के लोगों की अगाध और अटूट श्रद्धा है. इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ स्थापित मां दुर्गा की अत्यंत अलौकिक और भव्य प्रतिमा है, जो शुद्ध सफेद संगमरमर की चट्टान से निर्मित की गई है. स्थानीय भक्तों और प्रबुद्ध जनों के बीच ऐसी सुदृढ़ मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु यहाँ आकर सच्चे और निष्कपट मन से मां के चरणों में शीश नवाता है, मां उसकी हर अधूरी मुराद और मन्नत को अवश्य पूरी करती हैं. यही कारण है कि विशेष अवसरों के अलावा आम दिनों में भी यहाँ तड़के सुबह से ही भक्तों की कतारें लग जाती हैं.

मंदिर का नया समय सारणी: दोपहर में डेढ़ घंटे के लिए बंद रहेंगे कपाट

भक्तों को व्यवस्थित ढंग से दर्शन कराने और पूजा-अर्चना को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मंदिर के कपाट खुलने, बंद होने और महाआरती का समय निम्नलिखित रूप से तय किया गया है:

  • सुबह की महाआरती और पूजा: प्रतिदिन सवेरे 07:30 बजे माता रानी की भव्य सुबह की आरती संपन्न होगी. इसके तुरंत बाद सुबह 07:30 बजे से लेकर दोपहर बाद 01:30 बजे तक आम श्रद्धालुओं के लिए विशेष पूजा-अर्चना और जलार्पण का समय निर्धारित किया गया है.
  • दोपहर विश्राम (पट बंदी): दोपहर 01:30 बजे से लेकर अपराह्न 03:00 बजे तक (डेढ़ घंटे के लिए) माता के विश्राम और राजभोग के लिए मुख्य गर्भगृह के कपाट पूरी तरह बंद रहेंगे.
  • शाम के दर्शन व संध्या आरती: अपराह्न 03:00 बजे मंदिर के पट पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, जो रात्रि 09:30 बजे तक खुले रहेंगे. इस बीच ठीक संध्या 07:30 बजे ढोल, नगाड़ों और शंखध्वनि के साथ मां दुर्गा की भव्य सामूहिक संध्या आरती आयोजित की जाएगी, जिसमें कोई भी श्रद्धालु शामिल होकर पुण्य का भागी बन सकता है.

चार वरिष्ठ पंडितों को सौंपी गई सुचारू पूजा-पाठ की कमान

दूर-दराज से आने वाले भक्तों को विधि-विधान से संकल्प दिलाने, मुख्य गर्भगृह की नित्य क्रियाएं संपन्न करने और अनुष्ठानों को सुव्यवस्थित रखने के लिए मंदिर प्रबंधन द्वारा अलग-अलग पारियों (शिफ्ट) में चार वरिष्ठ एवं विद्वान पुजारियों को विशेष उत्तरदायित्व सौंपा गया है.

पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों की कमान संभालने वाले मुख्य पंडितों की सूची इस प्रकार है:

  1. पंडित अजय मिश्रा
  2. पंडित सच्चिदानंद पाठक
  3. पंडित हीरा झा
  4. पंडित दिलीप झा

मंदिर पूजा समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय चक्र का ध्यान रखते हुए ही मंदिर परिसर में प्रवेश करें और संध्या व सुबह की महाआरती के दौरान कतारबद्ध होकर अनुशासित रूप से मां की आराधना करें.

कटिहार से सूरज गुप्ता की रिपोर्ट:

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Published by: Divyanshu Prashant

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