आजमनगर प्रखंड क्षेत्र के दनिहा पंचायत के फुदकीपुर गांव वार्ड संख्या 13 के ग्रामीणों ने वर्ष 2017 की प्रलयंकारी बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए पुल के पुनः निर्माण की मांग को लेकर सोमवार को जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए विरोध प्रदर्शन की. ग्रामीणों ने कहा, बाढ़ में गांव को खेतिहर जमीन श्मशान घाट और कब्रिस्तान से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी पुल का निर्माण नहीं कराया है. गांव के हजारों लोगों को आज भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि फुदकीपुर गांव में लगभग 10 हजार की आबादी निवास करती है. जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग शामिल हैं. गांव की हजारों बीघा खेती योग्य जमीन श्मशान घाट और कब्रिस्तान नदीनुमा धार के उस पार स्थित है. पुल टूट जाने के कारण किसानों को अपनी जमीन तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. खेती के लिए आवश्यक सामग्री ले जाने और उपज फसल वापस लाने में अतिरिक्त समय और आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अंतिम संस्कार और कब्रिस्तान तक पहुंचने में भी लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं. बरसात के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है. लोगों की आवाजाही लगभग ठप हो जाती है. गांव के जफिर आलम, मुराद आलम, एहसान आलम, मजदर, नंदलाल राय, हन्ना आलम, असगर, अलाउद्दीन सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से शीघ्र पहल करने की मांग की है. ग्रामीणों ने विधायक निशा सिंह तथा सांसद तारिक अनवर से फुदकीपुर गांव में उच्च स्तरीय पुल निर्माण कराने की मांग करते हुए कहा कि यह पुल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि हजारों लोगों के जीवन और आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है.
श्मशान व कब्रिस्तान जाने में मुश्किल, ग्रामीणों ने उठाई उच्च स्तरीय पुल की मांग
श्मशान व कब्रिस्तान जाने में मुश्किल, ग्रामीणों ने उठाई उच्च स्तरीय पुल की मांग
