कटिहार. जिले के कोढ़ा प्रखंड में महिलाओं को कानूनी सहायता, सुरक्षा और उनके अधिकारों की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित दीदी अधिकार केंद्र ग्रामीण महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रहा है. केंद्र के माध्यम से जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपनी समस्याएं खुलकर रखने का अवसर मिल रहा है. साथ ही उन्हें जरूरी मार्गदर्शन और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. इससे महिलाओं में अपने अधिकारों को लेकर जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ रहा है.
घरेलू हिंसा से लेकर कानूनी अधिकार तक की दी जा रही जानकारी
कोढ़ा के प्रखंड परियोजना प्रबंधक उत्तम आनंद भारती ने बताया कि जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं को सशक्त बनाने में दीदी अधिकार केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. केंद्र के माध्यम से महिलाओं को घरेलू हिंसा, महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकार और विभिन्न सामाजिक समस्याओं से जुड़े मामलों में आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया जाता है.
उन्होंने कहा कि महिलाओं को किसी भी समस्या का सामना होने पर चुप रहने के बजाय अपनी बात सामने रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. केंद्र के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ समस्याओं के समाधान के लिए उचित दिशा भी बताई जाती है.
भयमुक्त होकर अपनी समस्याएं साझा कर रहीं महिलाएं
दीदी अधिकार केंद्र से जुड़ीं शमा खातून ने बताया कि जीविका समूहों से जुड़ी महिलाएं अब पहले की तुलना में अधिक जागरूक हुई हैं. महिलाएं बिना भय के केंद्र पहुंचकर अपनी समस्याएं साझा कर रही हैं.
उन्होंने बताया कि केंद्र पर पहुंचने वाली महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाता है. इसके बाद मामले की प्रकृति के अनुसार उचित सलाह और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है.
ग्रामीण महिलाओं में बढ़ रही जागरूकता
दीदी अधिकार केंद्र के संचालन से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को अपने अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी हासिल करने का अवसर मिल रहा है. इससे महिलाओं में समस्याओं का सामना करने और जरूरत पड़ने पर सहायता मांगने का आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है. केंद्र का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें सुरक्षा और न्याय से जुड़ी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है.
