KATIHAR NEWS डीडीसी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर की जांच
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमदाबाद में कार्यरत एएनएम की शिकायत पर कटिहार डीडीसी अमित कुमार ने बुधवार को देर शाम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमदाबाद पहुचकर मामले की जांच की.
अमदाबाद (कटिहार)से मनोज कुमार की रिपोर्ट KATIHAR NEWS :
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमदाबाद में कार्यरत एएनएम की शिकायत पर कटिहार डीडीसी अमित कुमार ने बुधवार को देर शाम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमदाबाद पहुचकर मामले की जांच की. प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमदाबाद में कार्यरत कई एएनएम ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर जयकुमार पर अनियमितता एवं भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया गया है. जिसके आलोक में बुधवार को डीडीसी अमित कुमार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमदाबाद पहुंचकर एक-एक बिंदुओं पर जांच की. एएनएम शबनम कुमारी, ममता कुमारी, मनीषा कुमारी, ब्यूटी कुमारी इत्यादि ने अपने आवेदन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ जयकुमार पर बेवजह डराने, बदतमीजी करने, ड्यूटी में रहते हुए भी अनुपस्थित करदेना, छुट्टी मांगने पर परेशान करना, गार्ड से धक्का देकर भागने एवं मानसिक प्रताड़ना सहित कई तरह की गंभीर आरोप प्रत्यारोप लगाई गयी है. आवेदन में आगे कहा गया है कि जॉइनिंग के नाम पर 1000 प्राण कार्ड के नाम पर 3000 ऑन बोर्डिंग के नाम पर 5000 कुल 9000 लिया गया था. साथ ही पेपर सत्यापन के लिए 2000 रुपया का मांग किया गया. पहला पेमेंट करने के लिए 10000 रुपया जबरदस्ती मांगा गया. किसी से 5000 एवं किसी से 6000 रुपया लेने के बाद ही पेमेंट दिया गया. मौके पर उपरोक्त सभी एएनएम ने बताया कि प्रधान लिपिक शम्स आलम फारूकी अवैध रूप से रुपये की उगाही करते हैं. प्रधान लिपिक पर रुपये लेने की आरोप लगाते हुए प्रधान लिपिक शम्स आलम फारुकी का एक वीडियो उपलब्ध कराई गई है. जिसमें प्रधान लिपिक शम्स आलम फारूकी द्वारा रुपया हाथ में गिनते नजर आ रहे हैं. हालांकि इस वायरल वीडियो का प्रभात खबर पुष्टि नहीं करती है. इस दौरान डीडीसी अमित कुमार ने बताया कि जिला पदाधिकारी के निर्देश पर एएनएम द्वारा की गई शिकायत की जांच की गयी. उन्होंने बताया कि एएनएम द्वारा की गई शिकायत की जांच अभी चल रहा है. प्रथम दृष्टिया कई आरोप सत्य प्रतीत पाया गया है. हालांकि अभी जांच जारी है. जांच प्रतिवेदन जिला पदाधिकारी को दी जाएगी. दोषी पाए जाने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी रणवीर कुमार मौजूद थे. उधर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर उन पर लगाए गए आरोप के संदर्भ में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उनके ऊपर आरोप नहीं लगाया गया है. अगर किसी तरह का आरोप लगाया गया है तो वह बे बुनियाद है.