कोढ़ा प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग में दरारें पड़ने की खबर से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है. स्थानीय दुकानदारों ने बताया की 10 से 12 वर्ष पहले बनी अब इस इमारत में आई बड़ी-बड़ी दरारें पड़ने लगी है. उस समय निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रही हैं. निर्माण कार्य शुरू होते ही कई बार घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायतें उठी थी. प्रशासन ने उस समय कोई संज्ञान नहीं लिया. अब जब दीवारों में दरारें साफ दिखाई देने लगी हैं. तब जाकर यह मुद्दा फिर से तूल पकड़ने लगा है. दरारों से स्वास्थ्य केंद्र की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. मरीज और उनके परिजन डर के माहौल में इलाज कराने को मजबूर हैं. अस्पताल स्टाफ ने भी इमारत की मजबूती पर चिंता जताई है. हैरानी की बात है कि इतने गंभीर मामले पर अब तक किसी जनप्रतिनिधि या स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तक को इसकी भनक तक नहीं है. ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा हादसा हो सकता है. कोढ़ा अस्पताल की यह घटना न सिर्फ भ्रष्टाचार की गवाही देती है. बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे की जमीनी सच्चाई को भी उजागर करती है.
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