चित्रगुप्त पूजा हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न

चित्रगुप्त पूजा हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न

देर रात तक श्रद्धालुओं का लगा रहा तांता – सीमांचल का वह मंदिर जहाँ है संगमरमर की स्थापित मूर्ति कटिहार जिला के गौरवशाली मंदिरों में से एक कायस्थों की कुल देवता भगवान चित्रगुप्त का संगमरमर की स्थापित मूर्ति न्यू मार्केट स्थित हाई स्कूल पाड़ा में है. जहां गुरुवार को भगवान चित्रगुप्त की पूजा के लिए समाज के सभी वर्गों के द्वारा पूजा अर्चना की गयी. इस अवसर पूजा अर्चना के साथ प्रसाद वितरण किया गया. इस अवसर पर प्रोफेसर सुएस एन कर्ण, अधिवक्ता रामानंद सिन्हा, रूपेश कुमार, सुमित वर्मा, जीकेसी सदस्य विकास सिन्हा, जयंत मल्लिक, उदय शंकर वर्मा, डॉ सुधीर, डॉ पीसी दास, कन्हैया लाल पौद्दार, मनीष घोष उर्फ बिट्टू घोष, सुरेश वर्मा, इन्द्रजीत सिन्हा, धन्न्जय कुमार, आलोक वर्मा, अंजनी सिंह उपस्थित थे. इस अवसर पर प्रो प्रभु नारायण लाल दास ने अपने संदेश में कहा कि चित्रगुप्त महाराज भारत व नेपाल की हिंदू कायस्थ जाति के जनक अधिकारी भी माने जाते हैं. पूजा-अर्चना में कायस्थ जाति व बुद्धि वर्ग लोग पूजा अर्चना कर भूले भटके गलतियों के लिए क्षमा मांगते हैं. नई कलम से पुनः अपने कार्य को प्रारंभ करते हैं. चित्रगुप्त मंदिर के संस्थापक सदस्य रंजन कुमार ने बताया कि जगतपिता ब्रह्मा के अंश, ज्ञान के अधिष्ठाता देवता, मानव जाति के कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले लेखनी के आराध्य देव भगवान चित्रगुप्त की कृपा से सभी को समृद्धि और आरोग्यता की प्राप्ति हो. अधिवक्ता रामानंद सिन्हा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन जहां भाई दूज का पर्व मनाया जाता है. वहीं, दूसरी ओर चित्रगु्प्त पूजा भी की जाती है. इस दिन कलम और दवात की पूजा का भी विधान है. इतना ही नहीं, इस दिन बहीखातों की पूजा भी की जाती है. कायस्थ लोगों के इस्ट देवता के रूप में भी चित्रगुप्त भगवान को पूजा जाता है. प्रो मुरारी प्रसाद ने बताया कि भगवान चित्रगुप्त एक प्रमुख हिंदू देवता है. प्रो एसएन कर्ण ने कहा कि आज शिक्षा की जरूरत सभी वर्गों में है.

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By RAJKISHOR K

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