कटिहार जिले के बारसोई नगर पंचायत की मुख्य पार्षद विमला देवी ने बलरामपुर थानाध्यक्ष के कथित अमर्यादित और असभ्य व्यवहार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मुख्य पार्षद ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) बारसोई अजय कुमार को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है. आवेदन की एक प्रतिलिपि कटिहार के पुलिस अधीक्षक (SP) को भी प्रेषित की गई है.
'संवाद करने पर थानाध्यक्ष का रवैया रहता है तानाशाहीपूर्ण'
मुख्य पार्षद विमला देवी ने आवेदन में आरोप लगाया है कि बलरामपुर थानाध्यक्ष आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान अत्यंत अभद्र, असंवेदनशील और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हैं. उन्होंने कहा कि जब भी विधि-व्यवस्था, सुरक्षा या जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर उनसे संपर्क साधा जाता है, तो उनका रवैया कथित रूप से असहयोगात्मक, तानाशाहीपूर्ण और उपेक्षापूर्ण रहता है.
'पुलिस के ऐसे रवैये से लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़ रहा असर'
मुख्य पार्षद ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का मुख्य दायित्व जनता की समस्याओं को पुलिस-प्रशासन के सामने रखकर उनका समाधान कराना होता है. ऐसे जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी द्वारा इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि थानाध्यक्ष के इस आचरण से आम लोगों के बीच भारी असंतोष है और इससे पुलिस विभाग की छवि भी धूमिल हो रही है.
SDPO बोले— जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए बारसोई के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अजय कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी. उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच में आरोप सत्य पाए जाने पर इसकी विस्तृत रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
