कुरसेला छठ महापर्व पर व्रतियों के गंगा स्नान करने का सिलसिला पिछले दो दिनों से बना हुआ है. व्रती महिलाएं टोटो- ऑटो व ट्रैक्टर ट्रॉली आदि संसाधनों से गंगा तटों तक पहुंच रहे हैं. मार्गो पर वाहनों के बढ़ते परिचालन से जाम की स्थिति उत्पन्न हो जा रही है. गंगा स्नान के लिए क्षेत्र के साथ सीमावर्ती पूर्णिया, भागलपुर, मधेपुरा जिला के व्रती महिलाएं वाहनों से लम्बी दूरी तय कर तटों तक पहुंच रही है. व्रती महिलाएं त्रिमोहनी संगम, खेरिया, तीनटेगा, बटेशपुर आदि जगहों के गंगा तटों पर पवित्रता आस्था का डूबकी लगा कर व्रत अनुष्ठान का प्रारम्भ कर रही है. अंचल स्तर पर क्षेत्र के कुछ घाटों पर सुरक्षा के लिए नदी में बांस के बल्ला लगा कर बेरिकेडिंग किया गया है. खेरिया घाट पर बेरिकेडिंग लगाने के साथ अंचल कर्मी व गोताखोर की तैनाती की गयी है. ऐहतियात के तौर पर गोताखोर, राजस्व कर्मी व्रती के स्नान सुरक्षा पर नजर रखने का कार्य कर रहे हैं. त्रिमोहनी संगम तट तक पहुंचने की कठिनाई होने से व्रती कम संख्या में इस तट तक पहुंच रहे हैं. एनएच 31 पर कुरसेला से व्रतियों के वाहनों के गुजरने से यहां के स्थानीय बाजारों में चहल पहल बढ़ गयी है. गंगा स्नान को जाने वाली महिलाएं वापसी में कुरसेला बाजार में ठहर कर व्रत अनुष्ठान से जुड़े सामाग्रियों की खरीददारी कर रहे हैं. छठ के सामाग्रियों के साथ चुड़ी श्रंगार के अलावा नारियल, केला, सेव, कद्दु आदि छठ व्रत समानों के दुकानों से बाजार पट गया है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
