कटिहार लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा का खरना पूजा नेम निष्ठा के साथ छठव्रतियों ने पूरा किया. छइ व्रती रतना देवी ने बताया कि छठ पर्व में खरना का दिन बेहद खास माना जाता है. क्योंकि इसी दिन से कड़े नियमों वाला निर्जला व्रत शुरू हो जाता है. व्रती पूरे दिन मन,विचार और शरीर को पवित्र रखने का संकल्प लेते हैं. शाम को खरना पूजा के बाद प्रसाद छठ व्रतियों ने प्रसाद ग्रहण की. व्रती ने बताया कि इस प्रसाद को परिवार और आस-पड़ोस के लोगों के साथ बांटा गया. व्रती नीलू मुस्कान ने कहा कि इस पर्व को बहुत ही खास तरीके से मनाया जाता है. इस दिन गुड़, दूध, चावल की खीर के साथ सोहारी रोटी बनाई जाती है. जिसे हम दोस्ती रोटी भी बोलते है. इस प्रसाद को पहले सूर्य देव और छठी मैया को चढ़ाने के बाद फिर सभी व्रती इस प्रसाद को ग्रहण की. यहीं से सभी छठव्रती का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो गया.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
