Katihar News: कटिहार जिले के बारसोई अनुमंडल के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी को लेकर राजनीति और जनहित दोनों स्तरों पर हलचल तेज हो गई है. बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक संगीता देवी ने बारसोई को लेकर दो महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं, जिन्हें क्षेत्र के भविष्य से सीधे जुड़ा माना जा रहा है. उन्होंने मोरग्राम-किशनगंज-सिलीगुड़ी फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में बारसोई को दोबारा शामिल करने और बारसोई रेलवे स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग करते हुए केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है.
चिराग पासवान से मुलाकात कर सौंपा आवेदन
विधायक संगीता देवी ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात कर दोनों मांगों से संबंधित आवेदन सौंपा. उन्होंने कहा कि बारसोई केवल एक अनुमंडल मुख्यालय नहीं, बल्कि सीमांचल क्षेत्र की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और रेल संपर्क केंद्र भी है. यदि इसे फोरलेन परियोजना और राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रमुख रेल सेवाओं से जोड़ा जाता है, तो पूरे क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिल सकती है.
फोरलेन परियोजना से बाहर होने पर उठाए सवाल
विधायक ने बताया कि मोरग्राम-किशनगंज-सिलीगुड़ी फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के शुरुआती प्रस्ताव में सड़क का रूट बारसोई होकर निर्धारित किया गया था. इस प्रस्ताव के बाद स्थानीय लोगों में रोजगार, व्यापार, निवेश और बेहतर सड़क संपर्क को लेकर काफी उम्मीदें जगी थीं.
लेकिन बाद में प्रस्तावित रूट में बदलाव कर बारसोई अनुमंडल मुख्यालय को बाहर कर दिए जाने की जानकारी सामने आई. विधायक ने इस बदलाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके वास्तविक कारणों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए.
बारसोई को फिर से परियोजना में शामिल करने की मांग
संगीता देवी का कहना है कि यदि बारसोई को फोरलेन परियोजना से बाहर रखा जाता है, तो इसका असर केवल सड़क संपर्क तक सीमित नहीं रहेगा. इससे व्यापार, परिवहन, रोजगार, निवेश और भविष्य के विकास की संभावनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
उन्होंने मांग की कि क्षेत्रीय संतुलित विकास और जनहित को ध्यान में रखते हुए बारसोई को पूर्व प्रस्तावित फोरलेन रूट में पुनः शामिल किया जाए. उपलब्ध मानचित्र के अनुसार इस फोरलेन परियोजना की कुल प्रस्तावित लंबाई 244 किलोमीटर बताई गई है.
राजधानी एक्सप्रेस के ठहराव की भी उठाई आवाज
विधायक ने बारसोई रेलवे स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस के ठहराव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि बारसोई स्टेशन उत्तर-पूर्व भारत को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, लेकिन 20503 और 12423 राजधानी एक्सप्रेस का यहां ठहराव नहीं होने से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है.
बारसोई और आसपास के इलाकों के लोगों को राजधानी एक्सप्रेस पकड़ने के लिए लगभग 60 से 80 किलोमीटर तक की अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ती है. इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है.
सीमांचल और आसपास के क्षेत्रों को भी मिलेगा लाभ
विधायक ने रेल मंत्रालय स्तर पर आवश्यक पहल कर बारसोई स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस का ठहराव सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. उनका कहना है कि इससे केवल बारसोई ही नहीं, बल्कि सीमांचल और पश्चिम बंगाल के आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा.
Katihar News: विकास और कनेक्टिविटी को बताया सबसे बड़ी जरूरत
संगीता देवी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास में सड़क और रेल दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. यदि बारसोई को फोरलेन परियोजना और राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रमुख सुविधाओं से जोड़ा जाता है, तो क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन, परिवहन और रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं.
उन्होंने दोनों मांगों को व्यापक जनहित से जुड़ा बताते हुए संबंधित मंत्रालयों से शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है.
Also Read: बिहार : स्कूल बढ़े पर 38.5% स्टूडेंट ही 12वीं तक पहुंचे, पढ़ाई छोड़कर कहां जा रहे हैं बच्चे?
