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कटिहार: बैंक हड़ताल का दिखा असर, 197 शाखाओं में ताले लटके, ₹900 करोड़ का कारोबार प्रभावित और तीन दिन ठप रहेंगी सेवाएं

कटिहार में बैंक यूनियनों की एक दिवसीय हड़ताल ने बैंकिंग सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया. जिले की 197 बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे, जिससे लगभग 900 करोड़ रुपये का वित्तीय कारोबार ठप हो गया. सप्ताहांत की छुट्टियों के साथ, ग्राहकों को सोमवार तक इंतजार करना होगा, हालांकि डिजिटल सेवाएं जारी रहेंगी.

कटिहार जिले में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुलाई गई एक दिवसीय बैंक हड़ताल का बैंकिंग सेवाओं पर गहरा असर देखा गया.

जिलेभर में फैले विभिन्न राष्ट्रीयकृत, ग्रामीण और निजी बैंकों की कुल 197 शाखाओं में ताले लटके रहे. बैंक शाखाएं बंद रहने के कारण नकद जमा-निकासी, चेक क्लीयरेंस, पासबुक अपडेट और केवाईसी (KYC) जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह ठप हो गए, जिससे लगभग 900 करोड़ रुपये के वित्तीय कारोबार के प्रभावित होने का अनुमान लगाया गया है.

लगातार तीन दिन बैंक रहेंगे बंद, ग्राहकों की बढ़ी मुश्किलें

शुक्रवार की एक दिवसीय हड़ताल के बाद ग्राहकों की परेशानियां अभी और बढ़ने वाली हैं:

  • वीकेंड का असर: शनिवार (12 सितंबर) को महीने का दूसरा शनिवार और रविवार (13 सितंबर) को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण अब बैंक शाखाएं सीधे सोमवार को खुलेंगी.
  • डिजिटल सेवाएं जारी: हालांकि, भौतिक रूप से बैंक शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन एटीएम (ATM), यूपीआई (UPI), मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग जैसी डिजिटल और ऑनलाइन सेवाएं सुचारू रूप से कार्य करती रहेंगी.
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नगदी के लिए भटकते रहे लोग, बाजारों में फीकी रही रौनक

बैंकों में ताले लटके होने के कारण आपातकालीन नकद जरूरत वाले आम लोग और व्यापारीजगत के लोग परेशान दिखे:

  • जिले के प्रमुख बाजारों में नकदी की कमी के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम रही, जिससे सामान्य दिनों की तुलना में बाजारों की रौनक फीकी नजर आई.
  • अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) मनीष कुमार सिंह ने स्थिति की पुष्टि करते हुए बताया कि हड़ताल का जिले के बैंकिंग ऑपरेशंस पर स्पष्ट प्रभाव पड़ा है और लगभग 900 करोड़ का कामकाज बाधित हुआ है.

बैंक कर्मियों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारी बैंक कर्मियों ने सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मुख्य मांगें दोहराईं:

  • बैंकिंग कार्य सप्ताह को घटाकर तत्काल प्रभाव से 5-दिवसीय (5-Day Banking) किया जाए.
  • परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना से जुड़े एकतरफा फैसलों और प्रावधानों को वापस लिया जाए.
  • कर्मचारियों की अन्य लंबित द्विपक्षीय मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए.

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लेखक के बारे में

By सूरज कुमार गुप्ता

सूरज कुमार गुप्ता पिछले 25 वर्षों से प्रिंट मीडिया में एक्टिव है. वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत की. राजनीतिक व सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर पत्रकारिता करना इनकी रुचि में शामिल है. सामाजिक कार्यो में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2007 में इन्हें भारत सरकार की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया था.

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