Ganga Erosion: कटिहार जिले के बरारी प्रखंड अंतर्गत गंगा पार स्थित बकिया सुखाय पंचायत में गंगा कटाव लगातार भयावह होता जा रहा है. करीब 25 हजार की आबादी वाले इस पंचायत में गंगा का कटाव तेजी से गांव की ओर बढ़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिदिन सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि गंगा में समा रही है, जिससे किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है.
आंखों के सामने कट रही वर्षों की मेहनत
स्थानीय किसानों ने बताया कि जिस जमीन से वर्षों से उनके परिवार का भरण-पोषण होता रहा, वही जमीन अब रोजाना गंगा की तेज धारा में समाती जा रही है. अपनी उपजाऊ खेती की जमीन को कटते देखकर किसान भावुक हो रहे हैं और भविष्य को लेकर चिंतित हैं.
जनप्रतिनिधियों ने विभाग पर लगाए आरोप
पंचायत की मुखिया रजिया बेगम, उपमुखिया शेख हिदायत एवं उमाकांत महतो ने आरोप लगाया कि बाढ़ नियंत्रण एवं जल संसाधन विभाग इस गंभीर समस्या को लेकर पूरी तरह उदासीन बना हुआ है. उनका कहना है कि पिछले वर्ष भी बड़ी मात्रा में कृषि भूमि गंगा में समा गई थी, लेकिन स्थायी कटाव निरोधी कार्य नहीं कराया गया.
कटाव रोकने की उठी मांग
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बकिया सुखाय पंचायत कटिहार जिले के अंतर्गत आता है, लेकिन बाढ़ सुरक्षा कार्य को लेकर जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल काढ़ागोला कार्यालय की ओर से अपेक्षित पहल नहीं की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की निष्क्रियता के कारण कटाव लगातार बढ़ता जा रहा है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
Ganga Erosion: पंचायतवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से अविलंब कटाव निरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा कार्य नहीं कराया गया तो कृषि भूमि के साथ-साथ गांव की बड़ी आबादी भी गंगा कटाव की चपेट में आ सकती है.
