हर्षोल्लास के साथ मनाया गया अक्षय नवमीं पूजा

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया अक्षय नवमीं पूजा

कटिहार शहर के बाटा चौक पर अवस्थित गौरी शंकर मंदिर प्रांगण में विशाल आवंला वृक्ष के नीचे महिलाओं ने अक्षय नवर्मी की पूजा की. महिलाओं ने बताया कि कार्तिक मास शुल्क पक्ष के नवमीं को आंवला नवमीं या अक्षय नवमीं के रूप में पर्व को मनाया जाता है. रत्ना देवी ने बताया कि भगवान विष्णु ने जब कुष्मांडक नामक दैत्य का वध किया तो उसके रोम से कुष्मांड सीताफल की बेल निकली थी. इसलिए इसे कुष्मांडक नवमीं भी कहा जाता है. कहा कि प्राकृति के प्रति आभार व्यक्त करने की भारतीय संस्कृति का भी यह पर्व है. क्योंकि आवंला पूजन प्राकृतिक के महत्व को दर्शाता है. व्रती नीलू मुस्कान ने कहा कि अक्षय नवमीं के दिन आंवला वृक्ष में भगवान विष्णु व प्रभु शिव जी का वास होता है. इस दिन आंवला वृक्ष की पूजा व कथा सुनने के उपरांत ब्राह्मणों को भोजन कराकर स्वयं भी अपने परिवार के साथ आंवला वृक्ष के नीचे ही बैठकर भोजन किया जाता है. रोगों का नास होता है. सभी अपने परिवार की सुख शांति व समृद्धि का सभी को लाभ मिले ऐसी प्रभु से कामना की. पूजा अर्चना में रतना देवी, नीलू मुस्कान, अवनी प्रिया, रीना शर्मा, निधि भगत, ममता भगत, अनुराधा सिंह, माधुरी, मीणा देवी, राज लक्ष्मी सिंह, अभिजीत गौरव, दीपक मुस्कान, मनीष कुमार सहित सैकड़ों महिलाओं ने आंवला वृक्ष की पूजा अर्चना की.

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By RAJKISHOR K

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