कटिहार जिले के अमदाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत गोविंदपुर बहरसाल दियारा इलाके में 20 अगस्त को हुई महिला की नृशंस हत्या और दूसरी महिला पर जानलेवा हमले के सनसनीखेज मामले का अमदाबाद पुलिस ने महज 10 दिनों के भीतर सफल उद्भेदन कर दिया है. पुलिस ने त्वरित व वैज्ञानिक कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त तेज धारदार हथियार (हंसुआ) और घटना के वक्त पहने हुए खून से सने कपड़े बरामद कर लिए गए हैं. अंतरराज्यीय स्तर पर बंगाल पुलिस और एफएसएल टीम के सहयोग से की गई इस कार्रवाई की दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में जमकर सराहना हो रही है.
20 अगस्त की शाम दियारा में हुआ था जानलेवा हमला
वारदात के संबंध में अमदाबाद थानाध्यक्ष राजन कुमार ने विस्तृत जानकारी दी:
- घास काटने गई थीं महिलाएं: पश्चिम बंगाल के मालदा जिला स्थित हरिश्चंद्रपुर थाना क्षेत्र के दौलतनगर गांव की दो महिलाएं—चांदनी उर्फ चंद्रिका मंडल और रुम्पा मंडल, महानंदा नदी कैंप के पश्चिमी तट (बहरसाल दियारा) पर घास काटने आई थीं.
- अज्ञात अपराधी का हमला: दियारा के सुनसान इलाके में घात लगाए अज्ञात अपराधी ने दोनों पर धारदार हथियार से हमला बोल दिया.
- एक की मौत, दूसरी ने बचाई जान: हमले में चांदनी उर्फ चंद्रिका मंडल की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जबकि जख्मी रुम्पा मंडल जान बचाकर भागने में सफल रही. ग्रामीणों की मदद से जख्मी महिला को प्राथमिक उपचार के बाद मालदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
मनिहारी SDPO के नेतृत्व में SIT का गठन
वारदात की गंभीरता को देखते हुए कटिहार पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया:
- एसआईटी टीम: मनिहारी के प्रभारी एसडीपीओ आसिफ आलम के नेतृत्व में गठित टीम में अमदाबाद थानाध्यक्ष राजन कुमार, अपर थानाध्यक्ष विजय कुमार राम, एसआई दिवाकर सरकार, एसआई रंजीत कुमार व सशस्त्र बल शामिल रहे.
- केस दर्ज: मृतका की सास मीणा मंडल के आवेदन पर अमदाबाद थाना में कांड संख्या 252/26, धारा 103(1) बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी.
ऐसे खुला अंधे कत्ल का राज: स्केच और वैज्ञानिक साक्ष्य बने आधार
पुलिस ने मामले के उद्भेदन के लिए त्रिस्तरीय रणनीति अपनाई:
- एफएसएल और स्केच से पहचान: मालदा अस्पताल में भर्ती जख्मी महिला रुम्पा मंडल के आंखों देखे हुलिए के आधार पर एफएसएल (FSL) व बंगाल पुलिस के सहयोग से अज्ञात हमलावर का स्केच बनवाया गया. अस्पताल में पीड़िता ने स्केच देखते ही आरोपी की पहचान कर ली.
- चौकीदारों से सत्यापन: स्थानीय चौकीदारों और खुफिया तंत्र की मदद से आरोपी के नाम-पते का भौतिक सत्यापन किया गया.
- तकनीकी साक्ष्य व गिरफ्तारी: सर्विलांस जांच में वारदात के समय घटनास्थल पर आरोपी के मोबाइल की लोकेशन पाई गई. इसके बाद अमदाबाद पुलिस ने बंगाल पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी कर आरोपी को धर दबोचा.
खून से सने कपड़े और वारदात में प्रयुक्त हंसुआ बरामद
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पुख्ता साक्ष्य जुटाए:
- बरामदगी: आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से हत्या में इस्तेमाल तेज धारदार हंसुआ, खून के धब्बों वाली गहरे गुलाबी रंग की गोल गले की टी-शर्ट और खून के छींटे लगी लुंगी जब्त की गई है.
- ग्रामीणों ने की सराहना: महज 10 दिनों में अंधे हत्याकांड का वैज्ञानिक पर्दाफाश करने पर सीमावर्ती बिहार और पश्चिम बंगाल के ग्रामीणों ने अमदाबाद पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा की है.
