अमदाबाद नगर पंचायत के सड़कों पर चल रही नाव | Prabhat Khabar Network

कटिहार के अमदाबाद में घरों में घुसा बाढ़ का पानी: छतों पर शरण लेने को मजबूर परिवार, जनप्रतिनिधियों ने लिया जायजा

कटिहार जिले के अमदाबाद नगर पंचायत क्षेत्र में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है. गंगा और महानंदा के जलस्तर में वृद्धि से कई वार्ड जलमग्न हो गए हैं, जिससे लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं. पेयजल और शौचायल जैसी बुनियादी सुविधाओं का गहरा संकट खड़ा हो गया है.

कटिहार जिले के अमदाबाद नगर पंचायत क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति अत्यंत भयावह हो गई है. गंगा और महानंदा के उफान से नगर पंचायत के कई वार्ड और मोहल्ले पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं. सबसे विकट हालात मुरली राम टोला और भोलामारी गांव में बने हुए हैं, जहां पूरा इलाका सैलाब के आगोश में समा चुका है.

घरों के भीतर तीन से चार फीट तक बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने के कारण रिहायशी इलाके टापू में तब्दील हो चुके हैं. कई परिवार छतों पर खुले आसमान के नीचे तिरपाल तानकर दिन-रात गुजारने को मजबूर हैं, तो वहीं दर्जनों परिवार अपने मवेशियों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं.

पेयजल, शौचालय और चारे का गहराया संकट

बाढ़ के पानी के लगातार फैलाव से बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं:

  • शौचालय व पेयजल ठप: चापाकल और शौचालय पानी में समा जाने के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
  • पशुपालक हलकान: मवेशियों के लिए सूखे चारे की भारी किल्लत हो गई है. मवेशी भी पानी के बीच भूखे-प्यासे खड़े रहने को विवश हैं.
  • शहरी दर्जे पर सवाल: स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कागजों पर यह क्षेत्र नगर पंचायत (शहरी निकाय) घोषित है, लेकिन जमीनी हकीकत सुदूर ग्रामीण इलाकों से भी बदतर है.

मुरली राम टोला स्कूल में सामुदायिक रसोई: पीड़ितों को बड़ा सहारा

प्रशासनिक स्तर पर भुखमरी के संकट से निपटने के लिए कदम उठाए गए हैं:

  • सामुदायिक रसोई का संचालन: अंचल व नगर प्रशासन द्वारा मुरली राम टोला प्राथमिक विद्यालय में नियमित रूप से कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई) चलाई जा रही है, जिससे प्रभावित लोगों को दोनों वक्त का गर्म भोजन मिल पा रहा है.
  • जनप्रतिनिधियों ने लिया जायजा: मुख्य पार्षद बबलू मंडल, प्रमुख प्रतिनिधि मोहम्मद अजहरुद्दीन और वार्ड पार्षद संजीव साह ने संयुक्त रूप से सामुदायिक रसोई केंद्र पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था का निरीक्षण किया.
बाढ़ के बीच छत पर बैठे लोग | Prabhat Khabar Network

जनप्रतिनिधियों की अपील: छोटी नावों से आवागमन से बचें

निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर सतर्कता बरतने का आग्रह किया:

  • सामुदायिक रसोई का लाभ: उन्होंने सभी प्रभावित परिवारों से अपील की कि वे जलभराव में भोजन पकाने का जोखिम न लें और सामुदायिक रसोई में आकर सम्मानपूर्वक भोजन ग्रहण करें.
  • हादसों से बचाव: जलस्तर के तेज बहाव को देखते हुए ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई कि वे बच्चों को पानी के पास न जाने दें तथा जर्जर व छोटी नावों के सहारे आवागमन करने का जोखिम कतई न उठाएं.

सामुदायिक रसोई के अलावा अन्य राहत सामग्री न मिलने से रोष

बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि सामुदायिक रसोई से भोजन की व्यवस्था तो हो गई है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से पॉलीथिन शीट, सूखा राशन, दियासलाई, मोमबत्ती और दवाइयों जैसी आवश्यक राहत सामग्री का वितरण शुरू नहीं हुआ है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल व्यापक स्तर पर राहत किट और पशु चारा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है.

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By Prabhat khabar news desk

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