कटिहार जिले के सीमावर्ती अमदाबाद प्रखंड में गंगा नदी की बाढ़ ने भयावह रूप धारण कर लिया है. बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों के साथ-साथ अब सरकारी संस्थानों और शैक्षणिक परिसरों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले चुका है.
प्रखंड मुख्यालय से लेकर सुदूर ग्रामीण पंचायतों तक के विद्यालयों और मदरसों में कई फीट बाढ़ का पानी जमा हो गया है, जिसके कारण क्षेत्र में शिक्षण कार्य पूरी तरह ठप हो गया है. छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों में तत्काल प्रभाव से आधिकारिक अवकाश घोषित कर दिया है.
प्रखंड के सभी 130 विद्यालय और 31 मदरसे पूरी तरह जलमग्न
बाढ़ के तांडव से शिक्षण व्यवस्था की कमर टूट गई है:
- कुल बंदी का दायरा: अमदाबाद प्रखंड अंतर्गत संचालित कुल 130 प्राथमिक, मध्य व उच्च विद्यालय तथा 31 सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों के कमरों और प्रांगण में बाढ़ का पानी भर गया है.
- पहले 85, अब शत-प्रतिशत प्रभावित: प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) रणवीर कुमार ने बताया कि प्रारंभिक चरण में 85 विद्यालयों को बाढ़ प्रभावित घोषित कर बंद कराया गया था, लेकिन अब स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि प्रखंड का एक भी स्कूल पानी से अछूता नहीं बचा है.
मुख्यालय के प्रमुख विद्यालयों और BRC भवन में भी घुसा पानी
ऊंचे माने जाने वाले प्रखंड मुख्यालय परिसर में भी जलस्तर तेजी से बढ़ गया है:
- प्रमुख परिसर डूबे: प्रखंड संसाधन केंद्र (BRC), आदर्श मध्य विद्यालय अमदाबाद और ऐतिहासिक इंद्रावती उच्च विद्यालय के पूरे परिसर और कक्षाओं में गंगा का पानी प्रवेश कर चुका है.
- दस्तावेजों और उपस्करों को खतरा: अचानक पानी भरने से कई स्कूलों में बेंच-डेस्क, कंप्यूटर और महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है.
सुरक्षा को लेकर प्रशासन का सख्त निर्देश
बीडीओ रणवीर कुमार ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है:
- अभिभावकों से अपील: गहरे पानी और तेज बहाव को देखते हुए बच्चों को जलजमाव वाले क्षेत्रों, तटबंधों और स्कूलों की ओर न जाने देने की हिदायत दी गई है.
- अलर्ट मोड पर प्रशासन: सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में सतर्क रहने और राहत एवं बचाव कार्यों में आवश्यकता पड़ने पर सहयोग देने का निर्देश दिया गया है.