अमदाबाद (कटिहार) : गंगा और महानंदा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण अमदाबाद प्रखंड के करीब एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. मुख्य सड़कों पर बाढ़ का पानी बह रहा है और प्रभावित परिवार सुरक्षित जगह की तलाश में सड़क किनारे शरण लेने को मजबूर हैं.
लगातार बढ़ रहा गंगा और महानंदा का जलस्तर
गुरुवार दोपहर 12 बजे तक महानंदा नदी के जलस्तर में एक सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी. नदी का जलस्तर 26.59 मीटर पहुंच गया. वहीं गंगा के जलस्तर में दो सेंटीमीटर की वृद्धि के साथ पानी 27.35 मीटर दर्ज किया गया.
लगातार बढ़ते जलस्तर का असर अब निचले इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है.
जलेबी टोला और मेघु टोला में हालात बिगड़े
गंगा का पानी जलेबी टोला के कई घरों में प्रवेश कर गया है. वहीं मेघु टोला गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर चुका है. जलेबी टोला, तिलौकी डारा और मेघु टोला का सड़क संपर्क भंग हो गया है. मुख्य मार्ग पर पानी बहने के कारण आवागमन प्रभावित है.
कई पंचायतों के गांव बाढ़ की चपेट में
दुर्गापुर और भवानीपुर खट्टी पंचायत के कई गांवों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है.
दुर्गापुर पंचायत के प्रभावित गांव :
- लक्खी टोला
- रामचंद टोला
- नारायणपुर सहित अन्य गांव
मुखिया गोपाल प्रसाद सिंह ने बताया कि इन इलाकों में लोगों के घरों और आसपास पानी फैल गया है.
भवानीपुर खट्टी पंचायत के प्रभावित गांव :
- विनोद टोला
- बंकू टोला
- छबिलाल टोला
- बबला बन्ना
- रायचंद टोला
- छोटा निताई टोला
मुखिया तपन मंडल के अनुसार इन गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है.
घरों में घुसा पानी, सड़क किनारे रहने को मजबूर परिवार
जलेबी टोला निवासी अशोक सिंह, छोटेलाल सिंह, सिंहासन सिंह, श्रीकांत सिंह, साधू सिंह, कार्तिक सिंह और बुल्लू सिंह ने बताया कि उनके घरों में पानी घुस गया है. प्रभावित परिवार सड़क किनारे शरण लेकर रहने को मजबूर हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि आवागमन से लेकर खाने-पीने तक की परेशानी बढ़ गयी है. प्रभावित लोगों के अनुसार अभी तक प्रशासनिक स्तर पर राहत के लिए कोई टीम उनके पास नहीं पहुंची है.
नाव परिचालन की प्रक्रिया शुरू
प्रभारी अंचलाधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि सरकारी स्तर पर नाव परिचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. हालांकि सूखा राशन और अन्य राहत सामग्री के संबंध में अभी वरीय पदाधिकारियों से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है.
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों में आने वाले दिनों को लेकर चिंता बढ़ गयी है. प्रभावित इलाकों में अब राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी है.
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