आदिवासी महोत्सव में दिखी संस्कृति की झलक आजमनगर जिला प्रशासन के तत्वावधान में गोरखपुर स्थित प्रसिद्ध गोरखनाथ धाम मंदिर प्रांगण में एकदिवसीय आदिवासी महोत्सव का भव्य आयोजन किया. आयोजन कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त सहयोग से किया. मकर संक्रांति और बसंत पंचमी में आयोजित इस महोत्सव में जिला के विभिन्न क्षेत्रों से आये आदिवासी समाज के कलाकारों ने भाग लिया तथा नृत्य तथा सांस्कृतिक कला दिखाया. कई सांस्कृतिक टोलियों ने पारंपरिक वेशभूषा में मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया. आदिवासी कलाकारों के प्रस्तुत पारंपरिक नृत्य और लोककलाओं ने उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में सामने रखा. कार्यक्रम स्थल पर उत्सव का माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में लोग इस सांस्कृतिक आयोजन के साक्षी बने. डीएम आशुतोष द्विवेदी में अपने वक्तव्य में कहा कि बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित इस कार्यक्रम को आदिवासी जैसे पिछड़े समाज को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है. आयोजन न केवल पारंपरिक कलाओं को संरक्षण देते हैं बल्कि कलाकारों को पहचान और प्रोत्साहन भी प्रदान करते हैं. गोरखनाथ धाम मंदिर में आयोजित यह आदिवासी महोत्सव संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला एक सफल और सराहनीय आयोजन साबित हुआ. सफल बनाने में मंदिर कमेटी के साथ-साथ आजमनगर प्रखंड व बारसोई प्रखंड के विभिन्न प्रतिनियुक्ति मजिस्ट्रेट एवं कर्मी, सुरक्षा की दृष्टिकोण से आजमनगर सलमारी व कई थानों के पुलिस बल मुस्तैद रही.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
