कटाव की आशंका . जिले की तीनों प्रमुख नदियाें के जलस्तर में वृद्धि, लोगों में दहशत
कटिहार : जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार की शाम से रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जिले की तीनों प्रमुख नदियां गंगा, कोसी व महानंदा के जल स्तर में वृद्धि होने लगी है. हालांकि महानंदा नदी में कुछ स्थानों पर जलस्तर की वृद्धि में हल्की कमी हुई है, लेकिन रविवार को गंगा व कोसी नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. माना जा रहा है कि कुछ दिन और बारिश इसी तरह होती रही,
तो जिले में बाढ़ आने की आशंका बढ़ जायेगी. दूसरी तरफ जलस्तर में वृद्धि होने से कई प्रखंडों के दर्जन से अधिक गांवों पर कटाव का खतरा मंडराने लगा है. बाढ़ नियंत्रण कक्ष का दूरभाष संख्या 06452-239791/797 ठप पड़ा हुआ है. इससे जलस्तर की वास्तविक स्थिति का आकलन नहीं हाे सका. लेकिन बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अधिकारियों के अनुसार, लगातार हो रही वर्षा से नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो रही है.
आपदा प्रबंधन विभाग उदासीन. बाढ़ व कटाव से बचाव को लेकर जिला आपदा प्रबंधन विभाग उदासीन बना हुआ है. पिछले दिनों डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद भी बाढ़ व कटाव को लेकर विभाग सक्रिय नहीं दिख रहा है. यहां तक कि बाढ़ को लेकर स्थापित नियंत्रण कक्ष भी रविवार को निष्क्रिय रहा. जल स्तर की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के लिए जब नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर पर संपर्क किया गया, तो वह नंबर काम नहीं कर रहा था.
मंडराने लगा है कटाव का खतरा
लगातार हो रही बारिश से प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने से जिले के कई प्रखंडों के गांवों पर कटाव का खतरा मंडराने लगा है. अमदाबाद प्रखंड के कई गांव कटाव की चपेट में है. चौकिया पहाड़पुर सहित तटबंध के आसपास के गांव के लोग दहशत में हैं. हालांकि इस स्थान पर पिछले कई दिनों से कटाव के दबाव के कारण विभागीय स्तर पर कटाव निरोधक कार्य किया जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ बरारी, कुरसेला, मनिहारी, आजमनगर, कदवा आदि प्रखंडो में भी बाढ़ व कटाव का खतरा मंडराने लगा है.
