फर्जी चिकित्सकों से जान सांसत में, प्रशासन बेफिक्र

कटिहार : सरकारी तौर पर ग्रामीण चिकित्सकों को मान्यता नहीं मिली है, बावजूद इसके ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी पहुंच बरकरार है. ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा देकर लोगों की जीवन रक्षा करने का दावा ग्रामीण चिकित्सक करते हैं. प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था का हाल किसी से छिपा नहीं है. गांवों में स्थित शासकीय औषधालय में […]

कटिहार : सरकारी तौर पर ग्रामीण चिकित्सकों को मान्यता नहीं मिली है, बावजूद इसके ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी पहुंच बरकरार है. ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा देकर लोगों की जीवन रक्षा करने का दावा ग्रामीण चिकित्सक करते हैं. प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था का हाल किसी से छिपा नहीं है. गांवों में स्थित शासकीय औषधालय में योग्य चिकित्सक एवं पर्याप्त औषधि की कमी है, जिसे ग्रामीण चिकित्सक संभाले हुए हैं.

सबसे बड़ी बात यह कि गांव की जनता जिन्हें घरों तक स्वास्थ्य सुविधा मिल जाती है और कोई हादसा होने के बाद भी मामला दर्ज नहीं किया जाता है बल्कि स्थानीय स्तर पर ही सेटिंग गेटिंग के दम पर सब कुछ सलटा लिया जाता है. बड़े शहरों में विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाएं इतनी महंगी है कि निम्न वर्ग, मध्यम वर्ग एवं निर्धन वर्ग उनकी अपेक्षा मोहल्ले में बैठे ग्रामीण चिकित्सकों के पास जाना ज्यादा पसंद करते हैं. ग्रामीण चिकित्सक अत्यंत कम मूल्य में चिकित्सा करते हैं.

कहते हैं सीएस : सीएस डॉ सीएस झा कहते हैं कि सरकारी तौर पर ग्रामीण चिकित्सकों के लिए कोई आदेश निर्गत नहीं हुआ है. ऐसे लोग अनाधिकृत रूप से ही ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करते हैं. इनके खिलाफ मामला दर्ज नहीं होने के कारण कार्रवाई नहीं हो पाती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >