हद है. जिले में बाढ़ की आशंका से सहमे हैं लोग, विभाग लापरवाह
आपदा प्रबंधन विभाग ने 15 जून तक फ्लड फाइटिंग का काम पूरा करने का निर्देश िदया था. पर, विभाग के पास अभी तक कहां क्या काम हुआ, इसकी रिपोर्ट तक नहीं है. एेसे में बाढ़ आने पर जिले की स्थिति क्या होगी, समझा जा सकता है.
कटिहार : जिले में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों में दहशत पैदा होने लगी है. हालांकि हर वर्ष आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा 15 जून तक फ्लड फाइटिंग का काम पूरा करने का निर्देश दिया जाता है. इस साल भी आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव के पत्रांक 1354, 30 मार्च के द्वारा जिला पदाधिकारी को निर्धारित अवधि 15 जून तक फ्लड फाइटिंग का काम पूरा करने का निर्देश दिया गया था. दूसरी तरफ विभाग के द्वारा बाढ़ पूर्व तैयारी करने का भी निर्देश दिया गया है, लेकिन अब तक जिले में बाढ़ पूर्व तैयारी की स्थिति ठीक नहीं है.
मंगलवार को प्रभात खबर ने स्थानीय आपदा प्रबंधन शाखा से बाढ़ पूर्व तैयारी की जानकारी मांगी, तो बताया गया कि अब तक पूरी रिपोर्ट अंचल से नहीं आयी है. किन-किन मुद्दों पर बाढ़ पूर्व तैयारी की गयी है. अंचल से रिपोर्ट आने के बाद ही बताया जा सकता है. वहीं जिला पदाधिकारी ललन जी ने बुधवार को बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर समीक्षा बैठक बुलायी है. हालांकि हर वर्ष फ्लड फाइटिंग व बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां होती रही हैं,
लेकिन जब बाढ़ आती है, तब सभी प्रशासनिक तैयारियां धरी की धरी रह जाती हैं. संभावना जतायी जा रही है कि इस बार भी बाढ़ के सामने प्रशासनिक तैयारी बौना साबित हो जायेगी. यद्यपि इसके संकेत भी मिलने लगा है. अमदाबाद के लाभा चौकिया पहाड़पुर के पास कटाव तेजी से हो रहा है. इससे साफ जाहिर है कि फ्लड फाइटिंग का काम पूरा नहीं हुआ है.
आज डीएम करेंगे समीक्षा बैठक
आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव व वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये मिले निर्देश के आलोक में जिला पदाधिकारी ललन जी ने बुधवार को बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा को लेकर समाहरणालय के सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक बुलायी है. आपदा प्रशाखा के नोडल पदाधिकारी सह वरीय उपसमाहर्ता डॉ मनोज कुमार झा ने बताया कि बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर डीएम की अध्यक्षता में बुधवार को होने वाली बैठक में बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा की जायेगी. इसके लिये सभी विभाग के प्रधान को बैठक में प्रतिवेदन के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है.
बाढ़ आने पर धरी रह जाती है तैयारी
11 प्रखंड कमोबेश हर साल होते हैं प्रभावित
कटिहार जिले के 11 प्रखंड कमोबेश हर साल बाढ़ से प्रभावित होते रहे हैं. इस साल भी बाढ़ आने की संभावना प्रबल है. ऐसे में बाढ़ प्रभावित प्रखंड के लोगों ने अभी से बाढ़ का भय सताने लगा है. जिले के कदवा, आजमनगर, बलरामपुर, बारसोई, प्राणपुर, अमदाबाद, मनिहारी, बरारी, कुरसेला, डंडखोरा आदि प्रखंड आंशिक व पूरी तरह से हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होते रहे हैं. बाढ़ आने से पूर्व राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ पूर्व तैयारी की बड़े-बड़े दावे किये जाते रहे हैं,
लेकिन जब बाढ़ आती है तब सभी प्रशासनिक तैयारियां धरी की धरी रह जाती हैं. पिछले कई वर्षों का अनुभव यह बताता है कि जिले में जब बाढ़ व कटाव होता है, तो सैंकड़ों लोग सड़क व ऊंचे स्थलों पर विस्थापित होकर शरण लेते हैं.
274 होमगार्ड करेंगे तटबंध की निगरानी
बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर अब तक जो काम हुई है उसमें तटबंधों की निगरानी को लेकर होमगार्ड की प्रतिनियुक्ति की है. स्थानीय बाढ़ नियंत्रण कार्यालय के अनुसार तटबंधों की देखरेख व सुरक्षा के लिये तीनों बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल ने कुल 274 होमगार्ड की तैनाती की गई है. इनमें काढ़ागोला प्रमंडल में 91,
कटिहार प्रमंडल में 96 तथा सालमारी प्रमंडल में 87 होमगार्ड की तैनाती की गई है. ये होमगार्ड आगामी 15 अक्टूबर तक तटबंधों की देखरेख व उसकी सुरक्षा करेंगे. इधर आपदा प्रबंधन विभाग की तैयारी अधूरी है. मंगलवार को स्थानीय आपदा प्रबंधन प्रशाखा ने जानकारी दी है कि अब तक पूरी तैयारी नहीं हुई है. सभी अंचल से रिपोर्ट आना बाकी है.
