तीन दिन का अल्टीमेटम

खुली पोल . डीएम ने सदर अस्पताल का किया औचक िनरीक्षण सोमवार को साढ़े दस बजे डीएम ललन जी ने सदर अस्पताल का औचक िनरीक्षण किया. उस वक्त अस्पताल में न तो सिविल सर्जन और न ही अस्पताल उपाधीक्षक मौजूद नहीं थी. चिकित्सक भी अनुपस्थित थे. कुछ आये भी थे, तो अपने कक्ष में न […]

खुली पोल . डीएम ने सदर अस्पताल का किया औचक िनरीक्षण

सोमवार को साढ़े दस बजे डीएम ललन जी ने सदर अस्पताल का औचक िनरीक्षण किया. उस वक्त अस्पताल में न तो सिविल सर्जन और न ही अस्पताल उपाधीक्षक मौजूद नहीं थी. चिकित्सक भी अनुपस्थित थे. कुछ आये भी थे, तो अपने कक्ष में न होकर अन्य जगहों पर बैठ कर बातचीत में मशगूल थे.
कटिहार : सुबह का करीब 10.30 बज रहा होगा. अचानक डीएम का वाहन सदर अस्पताल में प्रवेश करता है. वाहन से डीएम नीचे उतर कर सदर अस्पताल के भीतर प्रवेश करते हैं. फिर सिविल सर्जन व अस्पताल उपाधीक्षक के बारे में पूछताछ करते हैं. सदर अस्पताल परिसर में ही सिविल सर्जन का कार्यालय है. लेकिन डीएम ललन जी के पहुंचने पर न तो वहां सिविल सर्जन ही मिले और न ही अस्पताल उपाधीक्षक डॉ योगेंद्र भगत ही.
अस्पताल प्रबंधक कनक लता भी नहीं थी. उस वक्त सदर अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी थी. लेकिन एक भी चिकित्सक ओपीडी में ड्यूटी पर मौजुद नहीं थे. जो चिकित्सक पहुंचे भी थे वे अलग खेमे में गप हांक रहे थे. आधे से अधिक चिकित्सक ड्यूटी पर पहुंचे ही नहीं थे. आधा घंटे बाद सीएस, डीएस व अस्पताल प्रबंधक सहित स्वास्थ्य महकमा से जुड़े अन्य अधिकारी भी पहुंच गये. इस बीच डीएम ने अस्पताल की कुव्यवस्था का मुआयना कर लिया.
अस्पताल परिसर में बेतरतीब तरीके से लगे वाहन व गंदगी देख डीएम आग बबूला हो गये. इस बीच सीएस के पहुंचने के बाद डीएम उनके साथ आधे घंटे तक ओपीडी सहित अन्य जगहों पर जाकर मुआयना किया. हर जगह डीएम को कुव्यवस्था नजर आयी. अस्पताल की कुव्यवस्था को देख डीएम पूरे रौब में आ गये. सिविल सर्जन को तीन दिनों के भीतर व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया. कहा कि तीन दिन के भीतर बगैर सूचना दिये आयेंगे और यही व्यवस्था रही तो किसी को नहीं बख्शेंगे.
सर, डीएस तो आते ही नहीं
निरीक्षण के दौरान ही कई लोगों ने डीएम को बताया कि सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ योगेंद्र प्रसाद यहां रहते ही नहीं हैं. कोढ़ा से कभी कभार यहां पहुंचते हैं. अन्य अधिकारी की भी यही स्थिति है. अस्पताल की व्यवस्था भगवान भरोसे चल रहा है. इन सब को लेकर डीएम काफी सख्त दिखे तथा सीएस, डीएस व अस्पताल प्रबंधक को जम कर फटकार लगायी.
गंदगी देख भड़के डीएम
औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में फैली गंदगी व बेतरतीब तरीके से लगाये गये वाहनों को देख डीएम भड़क उठे. परिसर के एक हिस्से में खराब पड़े वाहनों के लगे रहने पर भी डीएम नाराज दिखे. डीएम ने कहा कि साफ-सफाई नाम की कोई चीज अस्पताल परिसर में नहीं है. परिसर में जहां तहां गाड़ी लगाया जाता है. पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है. सिविल सर्जन को आदेश दिया कि यहां के सारे गार्ड को हटा दें.
112 की जगह 102 दवा की सूची लगी थी
अस्पताल परिसर में औचक निरीक्षण के दौरान डीएम ने सरकार द्वारा मरीजों के लिए उपलब्ध करायी जा रही दवाओं की सूची टंगी हुई देखी तो चकित रह गये. सरकार द्वारा 112 तरह की दवा मुफ्त उपलब्ध करायी जाती है लेकिन सूची में 102 दवा के नाम ही दर्ज थे.
कड़े तेवर में दिखे डीएम ललन जी
सदर अस्पताल निरीक्षण के दौरान अस्पताल कर्मियों से पूछताछ करते जिलाधिकारी
स्टाफ रूम में बैठे थे डॉक्टर
औचक निरीक्षण के दौरान डीएम जब आपातकाल के दो नंबर कक्ष में पहुंचे तो वह कक्ष खाली था. मरीज इधर-उधर भटक रहे थे. डीएम को जानकारी दी गयी कि डॉ एमके मनीष की ड्यूटी इस कक्ष में लगी है. लेकिन डॉ मनीष स्टाफ रूम में बैठे हुए हैं. यही स्थिति रूम नंबर चार की थी. इस रूम में डॉ आर सुमन की ड्यूटी थी. परंतु वह भी नदारद थे.

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