शहर का न्यू मार्केट इन दिनों लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. सड़क पर फल व सब्जी की दुकानें लगाने से यहां हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है. वाहन भी यहां रेंग कर ही चलते हैं, पर प्रशासन इस दिशा में मूकदर्शक बना हुआ है.
कटिहार : शहर के न्यू मार्केट में अतिक्रमणकारियों का कब्जा है. इसके कारण वहां के स्थानीय लोगों, दुकानदारों व व्यवसायियों सहित राहगीरों को घोर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसा नहीं है कि जिला प्रशासन व नगर निगम के पदाधिकारियों को न्यू मार्केट में अतिक्रमण होने की जानकारी नहीं है. जानकारी रहने के बावजूद किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. दरअसल न्यू मार्केट की सड़क के दोनों ओर एवं बीच में सैकड़ों सब्जी विक्रेता, फल सहित अन्य सामान की दुकानें लगाते हैं. इसके कारण सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक इस सड़क पर चलने की जगह नहीं बचती है. सड़क पर इतनी संख्या में दुकानें लगने की वजह से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में खरीदार भी पहुंचते हैं.
इससे हमेशा वहां जाम की स्थिति उत्पन्न होती है. लोग जाम में फंसकर परेशान होते हैं. कई बार जाम में प्रशासनिक पदाधिकारी व सांसद विधायक भी फंसते हैं. इसके बावजूद सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह यहां सड़क पर दुकानें सजती हैं. इस तरह से दूसरे शहरों में नहीं होता है. न्यू मार्केट के गुरुद्वारा से लेकर गर्ल्स स्कूल रोड जाने वाली सड़क के दोनों ओर तथा बीच में सब्जी, फल सहित अन्य की दुकानें सज रही हैं.
दिखावे के लिए हटता है अतिक्रमण
न्यू मार्केट से अतिक्रमण हटाने के लिए एक व्यवसायी ने हाइकोर्ट में रीट याचिका तक दायर की थी. हाइकोर्ट के निर्देश के बाद आनन-फानन में अतिक्रमण भी हटाया गया, लेकिन इसके बाद पुन: कुछ दिन बाद वहां फिर से दुकानें सजने लगीं. इसी तरह करीब छह माह पूर्व भी अतिक्रमणकारियों को वहां से हटाया गया था, लेकिन पुन: वही स्थिति उत्पन्न हो गयी. लोगों का आरोप है कि जिला प्रशासन व नगर निगम प्रशासन दिखावे के लिए अतिक्रमण को हटाता जरूर है, लेकिन पुन: सड़क पर सब्जी, फल बेचने की छूट दे दी जाती है. इससे वहां के स्थानीय दुकानदारों व व्यवसायियों में आक्रोश है.
प्रति दुकान 10 रुपये वसूली जाती है बट्टी
न्यू मार्केट की सड़क पर सुबह से देर शाम तक सजने वाली दुकानों से बट्टी की वसूली होती है. यह वसूली नगर निगम के कुछ भ्रष्ट पदाधिकारियों के द्वारा करायी जाती है. न्यू मार्केट में अस्थायी रूप से लगने वाली दुकानों से प्रति दुकान दस रुपये की बट्टी वसूली जाती है. जो लोग बट्टी देने का विरोध करते हैं, उनके साथ मारपीट तक की जाती है. चूंकि गरीब तबके लोग वहां सब्जी व फल की दुकान लगाते हैं इसलिए कोई इसका विरोध भी नहीं कर पाता है.
रास्ता बदल कर चलने को विवश हो रहे लोग
न्यू मार्केट की सड़क पर सैकड़ों दुकानें लगने की वजह से यहां पूरे दिन जाम की समस्या होती है. इससे बचने के लिए लोग रास्ता बदलकर चलने को विवश हो रहे हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि सब्जी मार्केट की वजह से हमेशा जाम लगता है. इससे बचने के लिए अमला टोला, लड़कनियां टोला आदि से होकर लोग आने-जाने को मजबूर होते हैं. गौरतलब हो कि इस रोड पर बड़े-बड़े होटल, दुकानें भी है. जहां लोगों को पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ रही है.
