लीवर कैंसर पर शोध में 45 देशों के करीब पांच सौ छात्र-छात्राओं के बीच प्रथम स्थान प्राप्त किया
फिलहाल एएमयू में प्रोफेसर हैं अजहर
बलिया बेलौन : ग्रामीण परिवेश में पले बढ़े चनदहर पंचायत कालीदासपुर निवासी मो यासिम अजहर ने विश्वस्तरीय बायो साइंस (लीवर कैंसर) शोध में 45 देशों के करीब पांच सौ छात्र-छात्राओं के बीच प्रथम स्थान प्राप्त कर सूबे और जिले का नाम देश-विदेश में रोशन किया है. अप्रैल में चार दिवसीय सेमिनार जर्मनी व इंगलैंड में आयोजित हुआ था. इसमें अलीगढ़ मुसलिम विवि के छात्र मो आसिम अजहर ने भी
हिस्सा लिया और पहले स्थान पर रहे. इससे पहले अजहर वर्ष 2011 में जामिया मिलिया इस्लामिया, नयी दिल्ली की ओर से अमेरिका के बर्थ केरोलिना यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय बायो साइंस सेमिनार में हिस्सा लिये थे और प्रथम स्थान प्राप्त किया था. मो अजहर की इस सफलता से उसके माता-पिता और क्षेत्र के लोगों में खुशी है. अनुसार मो अजहर की प्रारंभिक शिक्षा एएच मॉडल स्कूल सालमारी में हुई और यह सफर जामिया मिलिया इस्लामिया, अलीगढ़ मुसलिम विवि तक चला. वर्तमान में मो अजहर एएमयू में प्रोफेसर हैं. मो अजहर के पिता सेवानिवृत शिक्षक हैं, जबकि माता गृहिणी हैं. चार भाई व एक बहन में अजहर दूसरे नंबर पर है. उनकी इस सफलता पर शिक्षाविद् डॉ अकील सरवर, डॉ फिरोज, ई शाह फैसल, मुशफिक आलम, ई जावेद अनवर कहते हैं कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के अजहर विश्व स्तर पर प्रसिद्धि पा रहे हैं. लीवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पर शोध कर रहे हैं, जो अपने आप में एक बड़ी सफलता है. लोगों ने मो अजहर के माता-पिता को बधाई दी. साथ ही कहा कि अजहर के परिश्रम और माता पिता के आशीर्वाद का ही परिणाम है कि आज जिले का बेटा पूरे विश्व में परचम लहरा रहा है.
