कटिहार : ट्रेड यूनियन के तहत देशव्यापी बंदी को लेकर शहीद चौक पर सड़क जाम कर देने से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी. ढाई से तीन घंटे तक शहर में यातायात व्यवस्था चरमरा गयी. इसका प्रभाव बाजार के कारोबार पर भी असर पड़ा. बाइक सवार पुरानी बाटा चौक, मॉडल स्टेशन भवन होते हुए संतोषी कॉलोनी समपार फाटक होते हुए मिरचाईबाड़ी की ओर जाने एवं आने की होड़ लगी रही.
ढाई-तीन घंटे तक संतोषी कॉलोनी चौक स्थित समपार फाटक के दोनों भाग पर जाम लगा रहा. हद तो उस समय हो गयी जब रेलवे फाटक बंद होने के बावजूद भी दोनों फाटक के अंदर सैकड़ों बाइक सवार का जाम लग गया. इसके वावजूद भी फाटक के नीचे से प्रवेश करने का सिलसिला जारी रहा.
उसी समय बारसोई एवं कटिहार की ओर से दोनों अलग-अलग पटरी पर ट्रेन आ रही थी. मौके पर रेलवे पुलिस ने स्थिति को देखते हुए पटरी से वाहनों को अविलंब खाली कराया. उस समय आंशिक भगदड़ जैसा माहौल उत्पन्न हो गया था. पटरी पर बाइक की भीड़ देखकर ट्रेन चालक ने ट्रेन के गति को काफी कम कर दिया. जिसके कारण बाल-बाल बड़ी घटना होने से भी बच गया.
तीन घंटे रेल पटरी पर बाइक की आवाजाही होती रही : रेल पटरी पर बाइक सवारों का आवाजाही सुबह 11:00 बजे से 2:00 बजे तक लगातार जारी रहा. इस अवधि में बारसोई एवं कटिहार की ओर से आधा दर्जन से अधिक ट्रेन संतोषी कॉलोनी से होकर गुजरी. पुलिस के द्वारा बार-बार पटरी से बाइक हटाने आग्रह करते रहा. ट्रेन का परिचालन जारी रखा.
आधा दर्जन से अधिक संख्या में पुलिस रहने के वावजूद भी रेलवे फाटक के बाहर वाइक सवार को रोकने में असफल रहा. रेलवे फाटक बंद होने के बावजूद भी पटरी पर बाइक को दौड़ता रहा और पुलिस मूकदर्शक बना रहा. रेलवे फाटक पर चौतरफा वाहनों का जमावड़ा रहने के कारण फाटक के अंदर तथा बाहर तक जाम लगने का सिलसिला 2:00 बजे तक जारी रहा. बाइक सवार जान हथेली पर लेकर रेल पटरी को पार कर रहे थे.
क्या कहते हैं रेल पुलिस के जवान : रेल पुलिस के जवान ने कहा कि ट्रेड यूनियन का बंदी को लेकर शहीद चौक जाम रहने के कारण शहर की सभी बाइक सवार संतोषी कॉलोनी समपार फाटक होकर गुजर रहे हैं.
इसलिए फाटक पर काफी दबाव बना हुआ है. रेल फाटक बंद रहने के बावजूद ही बाइक सवार रेलवे अधिनियम का विरुद्ध फाटक के नीचे से बाइक को प्रवेश कर रहा हैं. ऐसी स्थिति में कई बार ट्रेन का भी आवाजाही हुआ. अगर सावधानी नहीं बरती जाती तो किसी भी प्रकार का हादसा हो सकता था.
