कटिहार : कटिहार के पथ निर्माण िवभाग में सोमवार को भागलपुर प्रक्षेत्र की तीन सदस्यीय िनगरानी टीम ने विभिन्न फाइलों की जांच की. इस दौरान टीम ने पांच करोड़ 12 लाख 84 हजार के बिल (4) जब्त कर ली. इसके साथ साथ टैंडर के के कागजात भी जब्त कर निगरानी टीम देर शाम भागलपुर के लिए रवाना हो गयी. उक्त दोनों कागजात जब्त करने का िनर्देश निगरानी के पटना मुख्यालय से दिया गया था. टीम में डीएसपी एसके सरोज एसआइ राकेश कुमार राय के अलावा चंद्रशेखर यादव शामिल थे.
5.12 करोड़ के बिल जब्त कर भागलपुर ले गयी निगरानी टीम
कटिहार : कटिहार के पथ निर्माण िवभाग में सोमवार को भागलपुर प्रक्षेत्र की तीन सदस्यीय िनगरानी टीम ने विभिन्न फाइलों की जांच की. इस दौरान टीम ने पांच करोड़ 12 लाख 84 हजार के बिल (4) जब्त कर ली. इसके साथ साथ टैंडर के के कागजात भी जब्त कर निगरानी टीम देर शाम भागलपुर के […]

पथ निर्माण विभाग कटिहार के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार को पटना में विजिलेंस की टीम ने 16 लाख रुपये घूस लेते रंगो हाथों गिरफ्तारी की सूचना जैसे ही कटिहार पहुंची पथ निर्माण विभाग में हड़कंप मच गया, जबकि दूसरे सरकारी कार्यालयों में पूरे दिन चर्चा का बाजार गर्म रहा.
पटना विजिलेंस कार्यालय के निर्देश के आलोक में भागलपुर विजिलेंस डीएसपी के नेतृत्व में विजिलेंस टीम कटिहार पथ निर्माण कार्यालय सोमवार को दोपहर बाद पहुंची तथा वहां तैनात कनीय अभियंता, लेखापाल सहित अन्य पदाधिकारी व कर्मियों से घंटों पूछताछ की.
तदुपरांत वहां दस्तावेजों की सघनता से जांच की, जिस क्रम में विजिलेंस की टीम ने कार्यालय के कुछ दस्तावेज को जब्त कर वरीय पदाधिकारी के आदेश की इंतजार में थी. प्राप्त जानकारी के अनुसार कटिहार में पदस्थापित पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को घूस की राशि लेते हुए पटना स्थित उसके आवास से पटना विजिलेंस ने गिरफ्तार किया.
जिसके पश्चात पटना विजिलेंस के निर्देश पर भागलपुर विजिलेस डीएसपी एसके सरोज के नेतृत्व में विजिलेंस की टीम कटिहार पथ निर्माण कार्यालय पहुची. विजिलेंस के अधिकारी ने वहां मौजूद कनीय अभियंता कुमार राकेश सहित अन्य अधिकारी व कर्मियों से पूछताछ की. जिस क्रम में कई दस्तावेज में गहनता से जांच की. जिस क्रम में विजिलेंस की टीम ने कॉपी आरएमसी 21ए को जब्त कर जांच जारी रखे हुए थे.
पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार के पटना में निगरानी टीम के हत्थे चढ़ने के बाद कटिहार पथ निर्माण विभाग कार्यालय में सोमवार को जैसे ही सूचना पहुंची अफरा-तफरी का माहौल हो गया. कार्यालय के पदाधिकारी व कर्मचारी कार्यालय में पहुंचने के बाद सकते में दिख रहे थे. सभी कर्मचारियों के चेहरे पर घबराहट साफ नजर आ रही थी.
कार्यालय पहुंचने के बाद ही सभी कर्मचारी एक दूसरे से इसी बात को लेकर चर्चा कर रहे थे कि पूर्वाहन 11:30 बजे सहायक थानाध्यक्ष अपने दल बल के साथ पथ निर्माण कार्यालय पहुंचे. जहां उन्होंने वहां के पदाधिकारी व कर्मचारियों से अपने स्थान पर बैठे रहने के लिए कहा. उन्होंने सभी कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर निकलने की मना ही कर दी.
किसी भी सामान और फाइल को छेड़छाड़ नहीं करने को कहा गया. इसके बाद सहायक थाना प्रभारी कार्यालय के सभी कक्ष घूम कर वहां से निकल गये. लेकिन कर्मचारियों के निगरानी के लिए थाना के एएसआई और कुछ पुलिस बल को वहां तैनात कर दिया गया और साथ ही एसआई को सख्त निर्देश दिया गया कि वह सभी कर्मचारियों पर ध्यान बनाये रखें.
किसी को भी बाहर निकलने नहीं दें. किसी प्रकार का कोई भी आदमी सामान या फाइल इधर-उधर नहीं करें. इसके बाद से कर्मचारियों को यह पता चला की भागलपुर से निगरानी टीम कटिहार पहुंच रही है. जो पहुंचने के बाद सभी कर्मचारियों से बारी-बारी से पूछताछ करेगी. इतनी बात पता चलते ही कर्मचारियों में चर्चा होना शुरू हो गया. कार्यालय में उस समय तकरीबन 10 कर्मचारी मौजूद थे. सभी अपने-अपने स्थान पर बैठे रहे.
कहते हैं विजिलेंस डीएसपी
विजिलेंस डीएसपी एसके सरोज ने बताया कि कॉपी ऑफ आरएमसी 21ए में पांच करोड़ का टॉप लाइन का बिल लंबित था जिसे जब्त कर मौजूद अन्य दस्तावेज भी जब्त कर विजिलेंस की टीम जांच कर रही है. उनके आवास में छापेमारी वरीय विजिलेंस अधिकारी के निर्देश पर होगी. फिलहाल ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है.