कटिहार : जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के गोंदवाड़ा में दिन दहाड़े शराब के नशे में तीन युवकों ने एक महिला एवं उसके पति को जान मारने की धमकी देते हुए रंगदारी के तौर पर दो लाख रूपये की मांग की थी. जब महिला इस बात से इंकार कर दी तो आरोपित पक्ष उसे तथा उसके पति को जान मारने की धमकी दी. जिसके बाद पीड़ित महिला ने भय से युवकों को दो हजार रूपया भी दिया.
तीन लोगों ने महिला के घर में घुसकर की लूटपाट, दी जान मारने की धमकी
कटिहार : जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के गोंदवाड़ा में दिन दहाड़े शराब के नशे में तीन युवकों ने एक महिला एवं उसके पति को जान मारने की धमकी देते हुए रंगदारी के तौर पर दो लाख रूपये की मांग की थी. जब महिला इस बात से इंकार कर दी तो आरोपित पक्ष उसे तथा […]

जिसके बाद आरोपित शेष रूपया एक सप्ताह के अंदर देने की बात कहकर वहां से निकल गये. पीड़िता इस बात की जानकारी मोबाईल से पीड़ित महिला कोढ़ा थाना को दी. घटना की जानकारी पर कोढ़ा थाना पुलिस घटना स्थल पर पहुंची तथा मामले की तफ्तीश में जुट गयी. बावजूद पांच दिनों के बाद भी उक्त मामले में अब तक थाना में पीड़ित महिला के लिखित आवेदन पर प्राथमिकी तक दर्ज नहीं हो पायी है.
अब सवाल यह उठता है कि अगर इस बीच महिला या उसके पति के साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना घट जाती है तो उसकी जिम्मेवारी आखिर किसकी होगी. क्या पुलिस इस व्यवस्था में ही जिले में लॉ एंड आर्डर एवं अपराध पर अंकुश लगाने की बात करती है. प्राप्त जानकारी के अनुसार बेबी सिंह पति मिथिलेश सिंह गोंदवाड़ा निवासी ने बताया कि 29 मई को दिन के तकरीबन दस बजे मो जाबिर पिता ताहिर गोंदवाड़ा निवासी अपने दो सहयोगी के साथ घर पर आया तथा उसपर पिस्टल तान दिया.
उसे जान मारने की धमकी देते हुए उसे दो लाख रूपये की मांग की. जिसमें एक आरोपित शराब के नशे में धुत था. पीड़ित महिला बेबी सिंह ने आरोपित युवक के हाथ में पिस्टल देखकर घर में रखे दो हजार रूपया निकालकर दे दी. आरोपितों ने दो हजार रूपये लेकर कहा कि एक सप्ताह के अंदर दो लाख रूपये दे देना नहीं तो तुम और तुम्हारे पति की हत्या कर दी जायेगी. तुम्हारे पति प्रशिक्षण लेने फारबिसगंज गया हुआ है. उसके बाद सभी आरोपित वहां से निकलते बने.
घटना की सूचना पीड़ित बेबी ने कोढ़ा थाना पुलिस को दिया. सूचना मिलते ही कोढ़ा थाना पुलिस घटना स्थल पर पहुंची तथा मामले की तफ्तीश में जूट गयी. इधर उक्त मामले में पांच दिन के बाद भी पीड़िता के लिखित शिकायत पर न तो प्राथमिकी दर्ज की गयी. और न आरोपित पक्ष पर किसी प्रकार की कार्रवाई ही की गयी. जिस कारण आरोपित पक्ष का मनोबल बढ़ा हुआ है . पीड़ित महिला की ओर से आरोपित पक्ष पर लगाये गये आरोप में कितनी सच्चाई है. यह तो पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा. फिलहाल आरोपित की धमकी से पीड़िता व उसके परिजनों काफी भयभीत है.
पटना मुख्यालय का क्या है निर्देश
लूट की घटनाओं को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक कुंदन कृष्णन अपराध अनुसंधान विभाग ने गाइडलाइन जारी की है.
थाना क्षेत्र में चलने वाले ऐसे केंद्र का भौतिक सत्यापन कराया जायेगा. कैश ले जाने के क्रम में पुलिस सुरक्षा मुहैया करायेगी. सीएसपी केंद्र के संचालक को गोपनीयता बनाये रखने को कहा जायेगा.
सीएसपी केंद्र सहित पैट्रोल पंप, निजी, सरकारी प्रतिष्ठान में भी सीसीटीवी कैमरा और सायरन लगाने का दिया निर्देश.
जिस मार्ग से कैश जायेगा वहां पुलिस बाइक से गस्ती करेगी ग्रामीण चौकीदार, दफादार, एसपीओ केंद्र पर नजर रखें.
सीएसपी केंद्र में कार्यरत कर्मियों की चरित्र खंगाला जायेगा.
अपराधियों का मोबाइल सर्विलांस पर रखा जाये ताकि कांड में संलिप्त व्यक्ति की इंट्रोगेशन रिपोर्ट तैयार की जा सकें .