कटिहार : अमित हत्याकांड में तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली है. हालांकि पुलिस हत्यारोपी की गिरफ्तारी को लेकर सघन छापेमारी कर रही है लेकिन हत्याकांड के सभी आरोपित अबतक फरार है. एक सप्ताह में दो युवक की हत्या से क्षेत्र के लोगों में पुलिस के प्रति काफी रोष दिख रहा है.
अमित हत्याकांड में जिस प्रकार अपराधियों ने अमित के शरीर पर गोली दागते रहे तबतक की उसकी मौत नही हो गयी. एवं अवधेश मिश्रा हत्याकांड भी दिन दहाड़े कटिहार कोढ़ा मुख्य मार्ग पर कर दी गयी थी. बेखौफ होकर अपराधी जिस प्रकार घटना को अंजाम दे रहे है उससे लोगों का पुलिस से विश्वास उठता जा रहा है. जिले में घटित दोहरी हत्याकांड ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दिया है.
मुख्य मार्ग पर अगर होती सघनता से जांच, तो अमित की नहीं होती निर्ममता पूर्वक हत्या
स्थानीय लोगों ने बताया कि अगर पुलिस मुस्तैदी से अपनी डयूटी करे तो जिले में अपराध पर अंकुश लगेगा और अपराधी जेल जायेगे. लेकिन ऐसा देखने को बमुश्किल से मिलता है. जिले के मुख्य मार्ग, सहायक मार्ग जिस मार्ग में थाना हो उनके समीप नित्य वाहन चेकिंग अभियान पुलिस चलाये तो निश्चित तौर पर ऐसे घटनाओं पर रोक लगेगी. लोगों ने कहा कि अगर पुलिस मुख्य मार्ग पर वाहन चेकिंग अभियान चलाती तो संभवत: इस प्रकार की घटना नही घटती.
क्योंकि अपराधियों ने अमित की हत्या को लेकर कटिहार पूर्णिया मुख्य मार्ग से लेलहा चौक तक घेराबंदी कर रखा था. साथ ही उनके पास भारी मात्रा में हथियार रहा होगा.
अगर पुलिस की चेकिंग रहती तो अपराधी हथियार लेकर नही चलते और घटना ही नही घटती. स्थानीय लोगों ने कहा कि बीते लोस चुनाव के दिनों में कटिहार के सभी मुख्य मार्ग, शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस सघनता वाहन चेकिंग अभियान चलाये रखी थी.
जिस कारण जिले में अपराध पर अंकुश लगा हुआ था तथा अपराधिक घटनाओं में काफी कमी आयी थी. लेकिन चुनाव समाप्त होते ही पुलिस की कार्यशैली में परिवर्तन हुआ जिसका परिणाम रहा है अमित सहित अवधेश की निर्ममता पूर्वक अपराधियों ने दिन दहाड़े गोलियों से छलनी कर उसकी हत्या कर दी गयी.
