सूरज, कटिहार : लोकसभा चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी होंने के बाद प्रशासनिक व विभिन्न राजनीतिक दल की ओर से तैयारी जोरशोर शुरू हो गयी है. कटिहार संसदीय क्षेत्र में आगामी 18 अप्रैल को मतदान कराया जायेगा.
इसके लिए 19 मार्च से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. पर इस बार भी महिला मतदाता की संख्या कम ही है. हालांकि पिछले चुनाव की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या इस बार थोड़ी बढ़ी है. कमोवेश हर वर्ष अलग अलग समय पर मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाताओं के नाम जोड़े जाते है.
साथ ही विभिन्न कारणों से मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए भी जाते है. अन्य कई तरह की गतिविधियां भी मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत किया जाता है. पर इन तमाम कोशिशों के बावजूद मतदाता लिंगानुपात को बेहतर नहीं किया जा सका है.
कटिहार जिले में कुल सात विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता लिंगानुपात की स्थिति काफी खराब है. जनसंख्या 2011 अपेक्षा मतदाताओं के लिंगानुपात में काफी अंतर है. भारत निर्वाचन आयोग ने भी जनसंख्या के आधार पर मतदाता लिंगानुपात को सामान बनाने की दिशा में समय समय पर निर्देश भी जारी करती रही है.
पर उसका परिणाम अब तक नजर नहीं आया है. भारत निर्वाचन आयोग के ऑफिसियल वेबसाइट पर भरोसा करें तो कटिहार जिले में 1000 पुरुष मतदाता अपेक्षा 894 महिला मतदाता है. जबकि जनसंख्या 2011 को देखे तो 1000 की तुलना में 919 महिलाएं है.
मतदाता लिंगानुपात में सबसे बेहतर स्थिति कटिहार जिले के कोढ़ा विधानसभा क्षेत्र की है. इस विधानसभा क्षेत्र में 1000 पुरुष मतदाता की तुलना में 935 महिला मतदाता है. जबकि मतदाता लिंगानुपात में सबसे खराब स्थिति बरारी विधानसभा क्षेत्र की है. इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 1000 मतदाता पर 880 महिला मतदाता है.
इसी तरह दिव्यांग मतदाता भी कम ही है. कायदे से कुल मतदाताओं का तीन प्रतिशत दिव्यांग मतदाता होना चाहिए. पर जानकारों की मानें तो एक प्रतिशत से भी कम दिव्यांग मतदाता इस जिले में है.
अपेक्षा से काफी कम है दिव्यांग मतदाता
जिले में दिव्यांग मतदाता भी काफी कम है. इस बार के मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम में पात्र दिव्यांगों को फॉर्म छह भराकर उसका नाम मतदाता सूची में जोड़ना भी प्राथमिकता है.
जिला निर्वाचन पदाधिकारी जिला पदाधिकारी पूनम की ओर से सभी बीएलओ को यह निर्देश दिया गया है कि 31 अक्टूबर तक चलने वाले विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम में दिव्यांग मतदाताओं को अनिवार्य रूप से जोड़ें.
अब डीएम निर्देश का कितना असर बीएलओ पर पड़ता है. यह तो 31 अक्टूबर के बाद ही पता चलेगा. निर्वाचन कार्यालय के सूत्रों की मानें तो कुल मतदाताओं का तीन प्रतिशत दिव्यांग मतदाता होना चाहिए. पर एक प्रतिशत से भी कम दिव्यांग मतदाता है. ऐसे में दिव्यांगों को मतदाता सूची मे जोड़ना एक बड़ी चुनौती है.
मतदाता लिंगानुपात को बेहतर करना चुनौतीपूर्ण
पिछले कई चुनाव से पूर्व चलाए गए मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान मतदाता लिंगानुपात को बेहतर बनाने की कोशिश होती रही है. पर अब तक यह कोशिश नाकाम रही है.
आसन्न लोकसभा चुनाव की अधिसूचना से पूर्व भी विशेष मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम में भी मतदाता लिंगानुपात को बेहतर बनाने के लेकर पहल की गयी. प्रशासनिक पहल की वजह से लिंगानुपात 888 से बढ़कर 894 हो गया है. पर अभी भी लिंगानुपात चिंताजनक है.
उल्लेखनीय है कि कटिहार जिले में जनसंख्या 1000 पुरुष में 919 महिलाएं है. जबकि मतदाता लिंगानुपात एक 1000 पुरूष मतदाता में 894 महिला मतदाता है. महिला मतदाता की सबसे अच्छी स्थिति कोढ़ा विधानसभा क्षेत्र में है. इस विधानसभा क्षेत्र में 1000 पुरुष मतदाता पर 935 महिला मतदाता है. जबकि कोढ़ा विधानसभा क्षेत्र में 1000 पुरुष मतदाता पर 880 महिला मतदाता है.
