कटिहार : पटना हाइकोर्ट में दायर एक परिवाद 29749\\16 पारित आदेश के आलोक में सभी शराब निर्माता कंपनी को 31 जुलाई 2017 तक बेबरेज के गोमद से अपने स्टॉक को बिहार से बाहर ले जाना था. विभिन्न कंपनियों की ओर से अपने जिले में रखे स्टॉक को नही ले जाने की स्थिति में शराब समाहर्ता को नष्ट कराने का निर्देश जारी किया. समाहर्ता मिथिलेश मिश्र के निर्देश पर जिले के बेबेरज के गोदाम में रखे शराब के स्टॉक को दंडाधिकारी सह वरीय उपसमाहर्ता विपिन कुमार यादव के नेतृत्व में गोदाम में रखे शराब नष्ट किया गया. जिमें 4247 पेटी विदेशी शराब तथा 13012 पेटी 69 बोतल बियर का विनष्टिकरण किया गया. उत्पाद अधीक्षक अरूण कुमार मिश्रा ने बताया कि कुल 1.30 हजार लीटर विदेशी शराब नष्ट किया गया.
श्री मिश्रा ने बताया कि बिहार में 05 अप्रेल 2016 को बिहार में पूर्ण शराब बंदी की घोषणा कर बिहार को मद्य निषेध राज्य बनाने का आह्वान किया था. जिसे लेकर उत्पाद अधिनियम में सशांधित कर कई बदलाव कर उनके नियम को और भी सख्त बनाया गया यहां तक कि उत्पाद अधिनयिम में उम्र कैद की सजा तथा सात वर्ष कठोर कारावास की दंड का प्रावधान भी रखा गया. राज्य सरकार ने सूबे में शराब की सभी कंपनी को एक निर्धारित समय पर बिहार से अन्य राज्यों में शराब ले जाने का निर्देश दिया. जिसमें कुछ कंपनियां बिहार के बंद पड़े गोदाम से शराब नही लेकर गये जिस कारण उच्च न्यायालय के आदेश पर उक्त शराब को विनष्टिकरण का निर्देश जारी किया गया.
