तेलता ब्रिज की मरम्मत के लिए मंगाया था 30 वैगन बोल्डर
कटिहार : रेलवे की ओर से 30 वैगन के स्पेशल मालगाड़ी से मंगाये गये बोल्डर का 20 वैगन रास्ते में ही खाली हो गया. स्पेशल मालगाड़ी 20 खाली वैगन के साथ कटिहार पहुंची. जांच में इसका खुलासा हुआ है. मालगाड़ी का 20 वैगन खाली आने की सूचना से रेलवे में हड़कंप है. हालांकि मामले की उच्च स्तरीय जांच की बात कही जा रही है.
झारखंड के पाकुड़ जिले से 30 वैगन की स्पेशल मालगाड़ी से बोल्डर मंगायी गयी थी. बोल्डर कटिहार-एनजेपी के बीच तेलता ब्रिज संख्या 133 के बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए रेल लाइन के पास गिराना था. स्पेशल ट्रेन 21 अगस्त को तेलता सुधानी पहुंची, लेकिन यह पहले से ही खाली थी. रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि 21 अगस्त को 1.40 बजे रेस्टोरेशन स्पेशल ट्रेन
20 वैगन का बोल्डर…
(16497) सुधानी स्टेशन पहुंची. सुधानी के एसएमआर, पीडब्ल्यूआइ और आरपीएफ लाइन ने जब जांच की तो स्पेशल ट्रेन का 20 वैगन खाली पाया गया. इसके बाद हड़कंप मच गया. सवाल उठने लगा कि 20 वैगन आखिर कहां गया. लोगों का कहना है कि इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गयी है. इतनी बड़ी गड़बड़ी रेलवे के बड़े पदाधिकारियों की मिलीभगत के बिना नहीं हो सकती है.
अब तक पूर्वोत्तर राज्यों से रेल संपर्क है भंग
कटिहार में आये प्रलयंकारी बाढ़ की वजह से कटिहार-एनजेपी रेलखंड के सुधानी तेलता के बीच ब्रिज संख्या 133 बाढ़ के तेज बहाव में बह गया था. इसके बाद अभी तक कटिहार का पूर्वोत्तर राज्यों से रेल संपर्क भंग है. हजारों रेल यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. दर्जनों ट्रेनें आठ दिनों से रद्द हैं. रेल परिचालन पूर्णत: बाधित हो जाने की वजह से रेल राजस्व को काफी नुकसान हो रहा है. कटिहार रेल मंडल के बड़े आला अधिकारी कार्यस्थल पर लगातार कार्य को तीव्र गति से पूरा कराने के लिए मौजूद हैं. इसी बीच बोल्डर लोडेड 20 बैगन खाली मिलने से रेल प्रशासन में खलबली मच गयी है.
इससे बाढ़ के नाम पर रेल में हो रही लूट की पोल खुल गयी है. साथ ही रेल प्रशासन के द्वारा युद्ध स्तर पर चल रहे मरम्मती कार्य के दावे को इस घटना ने झूठा साबित कर दिया है. रेलवे ने भी इस पर अपनी रिपोर्ट दे दी है. सूत्रों की मानें तो बाढ़ में लूट और इसी की जांच को लेकर रेल महाप्रबंधक चाहते राम बुधवार शाम से कटिहार में डटे हुए है. यदि जांच में मामला सही पाया गया तो कटिहार रेल मंडल के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों के ऊपर गाज गिरनी तय है. चर्चा है कि रेल मंडल के इंजीनियरिंग विभाग की जांच हो तो कई और बड़े कारनामे का खुलासा हो सकता है.
बोल्डर के अभाव में काम पर पड़ रहा असर
पाकुड़ से 30 वैगन बोल्डर रेल लाइन की शीघ्र मरम्मत कराने के लिए मंगाया गया था. इसमें 20 वैगन खाली आने से तेलता ब्रिज को दुरुस्त करने में और विलंब होने की संभावना जतायी जा रही है. चूंकि तेलता के पास पानी के तेज बहाव में पुल के निकट कई मीटर तक रेल लाइन के अंदर से मिट्टी भी बह गयी है. उसे भरने के लिए बोल्डर मंगाया गया था. इस गड़बड़ी से काम पर असर पड़ना तय माना जा रहा है. रेलवे सूत्र का दावा है कि रेल लाइन मरम्मत के नाम पर बाढ़ के समय भारी मात्रा में घोटाला हुआ है. एक मामला तो पकड़ में आ गया, लेकिन कई ऐसे मामले हैं जिसका अब तक खुलासा नहीं हो सका है.
मामला काफी गंभीर है. मामले की उच्च स्तरीय जांच करायी जायेगी. इसमें जो भी दोषी होंगे. उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी.
पीजे शर्मा, रेलवे के सीपीआरओ, मालीगांव
