फोटो.18.उदघाटन करते डीएम नितिन कुमार 19.सर्वाइकल कैंसर से बचाव का टीका लगवाती छात्रा डीएम ने सदर अस्पताल में 20 छात्राओं को लगवाया पहला डोज = सिविल सर्जन ने टीका लेनेवाली छात्राओं को दिया डिजिटल प्रमाणपत्र 14 वर्ष की बालिकाओं को लगेगा सर्वाइकल कैंसररोधी टीका, 10080 डोज उपलब्ध यू-विन प्लेटफॉर्म से होगी मॉनिटरिंग, टीका पूरी तरह नि:शुल्क व सुरक्षित भभुआ सदर. महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत शनिवार को देश स्तर पर की गयी. नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से व बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने पटना से अभियान की शुरुआत की. जिले में शनिवार से सर्वाइकल कैंसर नामक खतरनाक बीमारी से बचाव को लेकर एचपीवी का टीका लगाये जाने की शुरुआत हो गयी. सदर अस्पताल में डीएम नितिन कुमार सिंह द्वारा अभियान का शुभारंभ किया गया. इस दौरान डीएम की मौजूदगी में 20 छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव वाला एचपीवी टीका लगाया गया. इस मौके पर एसडीएम अमित कुमार, सिविल सर्जन डॉ चंदेश्वरी रजक, एसीएमओ डॉ शांति कुमार मांझी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ आरके चौधरी, जिला वैक्टर बोर्न नियंत्रण पदाधिकारी डॉ सत्यस्वरूप, जिला कार्यक्रम प्रबंधक ऋषिकेश जायसवाल, जिला लेखा प्रबंधक प्रभात कुमार, जिला अनुश्रवण व मूल्यांकन पदाधिकारी मधुसूदन कुमार सहित विश्व स्वास्थ्य संगठन व अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे. टीका का लाभ लेने वाली छात्राओं को सीएस द्वारा सम्मानित करते हुए डिजिटल टीका प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया गया. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि 14 वर्ष आयु की सभी बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीका का एक डोज लगाया जाना है. इसके लिए राज्य स्वास्थ्य समिति से जिले को 10080 डोज उपलब्ध कराया गया है. यह कार्यक्रम अगले तीन माह तक सदर अस्पताल सहित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चलाया जायेगा. यह टीका केवल एक ही बार दिया जाता है, जो बच्चियों में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए पर्याप्त है. कैमूर जिला में कुल 10080 वैक्सीन की आपूर्ति अभी की गयी है. टीकाकरण का लक्ष्य जिले की जनसंख्या का एक प्रतिशत यानी लगभग 20000 निर्धारित किया गया है. सिविल सर्जन डॉ रजक ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर दुनिया भर में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे कॉमन कैंसर है. ब्रेस्ट कैंसर के बाद सर्वाधिक महिलाएं इसी बीमारी की चपेट में आती हैं. यह महिलाओं की बच्चेदानी के मुख में होने वाला कैंसर है, जिसे आम बोलचाल की भाषा में बच्चेदानी के मुंह का कैंसर भी कहा जाता है. जिले में 14 वर्ष आयु की बालिकाओं को एचपीवी टीका पूर्ण रूप से नि:शुल्क लगाया जा रहा है. फिलहाल भभुआ अंतर्गत स्कूलों की छात्राओं व जीविका व आशा कार्यकर्ताओं द्वारा लायी गयी बच्चियों का टीकाकरण किया जा रहा है. = टीके की प्रभावशीलता व वैश्विक स्वीकार्यता स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि एचपीवी टीका पूरी तरह सुरक्षित व असरदार है. 160 देशों ने एचपीवी टीकाकरण को अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन व भारत के राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह द्वारा इसे प्रमाणित किया गया है. यह टीका वायरस वैरिएंट 6, 11, 16 व 18 पर प्रभावी है, जो जान बचाने के साथ भविष्य में होने वाले महंगे इलाज के खर्च व मानसिक प्रताड़ना से भी सुरक्षा प्रदान करता है. इस महाभियान को पारदर्शी व सुलभ बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘यू-विन’ का सहारा ले रहा है. अभिभावक अपनी बेटियों का पंजीकरण घर बैठे या सीधे टीकाकरण केंद्र पर जाकर करा सकते हैं व टीकाकरण के बाद डिजिटल प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक है व इसके लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य होगी. हालांकि, टीके के बाद मामूली दर्द या हल्का बुखार जैसे सामान्य लक्षण दिख सकते हैं, जो दो-तीन दिनों में स्वतः ठीक हो जाते हैं.
जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण की हुई शुरुआत
14 वर्ष की बालिकाओं को लगेगा सर्वाइकल कैंसररोधी टीका, 10080 डोज उपलब्ध
