kaimur News : लक्ष्य के अनुसार हर बच्चे तक पहुंचे अल्बेंडाजोल की गोली : डीएम

एक साल से 19 साल के युवाओं को कृमि से मुक्ति के लिए अभियान शुरू, जिले में 10.15 लाख को अल्बेंडाजोल की गोली खिलाने का लक्ष्य

भभुआ सदर.

जिलेभर में मंगलवार से एक वर्ष से 19 वर्ष के बीच के बच्चों व युवाओं को कृमि मुक्त करने के लिए अभियान शुरू हुआ. राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान की शुरुआत मंगलवार को शहर के भभुआ नगरपालिका स्थित मध्य विद्यालय के परिसर में डीएम सुनील कुमार, डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह और सीएस डॉ चंदेश्वरी रजक ने दीप प्रज्वलित व फीता काटकर किया. इस दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं को उम्र के अनुसार अल्बेंडाजोल की गोली खिलायी गयी. डीडीसी ने स्वयं भी अल्बेंडाजोल के गोली का सेवन किया. उद्घाटन के दौरान डीएम ने कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है कि यह गोली तय उम्र के हर बच्चे तक पहुंच जाए और आंगनबाड़ी केंद्र से लेकर जिले के सभी विद्यालयों में छात्रों को शिक्षक अपने सामने जरूर खिलाएं.

कार्यक्रम के दौरान सीएस डॉ रजक ने बताया कि यह कार्यक्रम जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में आयोजित होंगे. इसके तहत 1-2 वर्ष की आयु वर्ग को अल्बेंडाजोल की आधी गोली का चुरा बनाकर और पानी में मिलाकर दिया जाना है. जबकि 2-3 वर्ष के बच्चों को एक गोली चुरा बनाकर और 3- 19 वर्ष तक के बच्चों को एक गोली अल्बेंडाजोल की दी जानी है. सीएस ने बताया कि 19 सितंबर को मॉपअप दिवस के तहत छूटे हुए लाभार्थी को कृमिनाशक दवा का सेवन कराया जायेगा. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ आरके चौधरी ने बताया कि अल्बेंडाजोल की खुराक के लिए जिले में कुल 1015917 से अधिक बच्चों का लक्ष्य रखा गया है. इनमें सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों व युवाओं को दवा का सेवन कराया जायेगा. इसके अलावा जो बच्चे स्कूल या आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं पहुच सकेंगे, वैसे बच्चों को आशा के माध्यम से दवा का सेवन कराया जायेगा. कार्यक्रम के दौरान डीएम व डीडीसी ने वहां मौजूद छात्रों को समझाया कि अल्बेंडाजोल की गोली शरीर के लिए हानिकारक नहीं, बल्कि फायदेमंद है. इस गोली को खाने से शरीर का आर्थिक विकास तेजी से बढ़ता है और शरीर में जो भी बैक्टीरिया होती हैं वह खत्म हो जाती हैं.

पेट में कृमि अधिक रहने से उल्टी, सिरदर्द और जी मिचलाने की समस्याडीआइओ डॉ आरके चौधरी ने बताया कि अल्बेंडाजोल की गोली पूरी तरह से सुरक्षित है. लेकिन कुछ बच्चों के पेट में कृमि अधिक होने की वजह से पेट मे हल्की दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, दस्त और अचानक से सिरदर्द की समस्या हो सकती है, जो कुछ देर के बाद स्वतः समाप्त हो जाती है और फिर कोई चिकित्सकीय सहायता की जरूरत नही पड़ती. मंगलवार को नगरपालिका मध्य विद्यालय में आयोजित कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के दौरान, डॉ सत्यस्वरूप,डीपीएम ऋषिकेश जायसवाल, जिला लेखा प्रबंधक प्रभात कुमार सहित काफी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी और विद्यालय के शिक्षक व छात्र शामिल रहे.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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