विज्ञान प्रयोगशाला से बदली बच्चों की सोच

इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय कर्णपुरा में विज्ञान प्रयोगशाला संचालित

फोटो 3 दुर्गावती स्थित कर्णपुरा विद्यालय –इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय कर्णपुरा में विज्ञान प्रयोगशाला संचालित # बच्चों की पढ़ाई बनी रोचक व प्रयोगात्मक प्रतिनिधि, मोहनिया शहर दुर्गावती प्रखंड स्थित इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय कर्णपुरा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए अपनी विज्ञान प्रयोगशाला को आधुनिक स्वरूप में विकसित कर रहा है. प्रोजेक्टर, वर्चुअल लैब और प्रयोग आधारित गतिविधियों से सुसज्जित प्रयोगशाला अब विद्यार्थियों के लिए विज्ञान सीखने का केंद्र बन गयी है, जहां पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रह गयी है, बल्कि प्रत्यक्ष अनुभव और प्रयोगों के जरिये ज्ञान अर्जित करने का माध्यम बनती जा रही है. प्रयोगशाला में अंतरिक्ष विज्ञान, रसायन विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के वास्तविक प्रयोग कराये जा रहे हैं, जिससे बच्चों की जिज्ञासा और रुचि में लगातार वृद्धि हो रही है. विज्ञान पहले विद्यार्थियों को कठिन और उबाऊ लगता था, अब उन्हें रोचक, सरल और प्रेरणादायक लगने लगा है. बच्चे अब रटने के बजाय समझकर सीखने लगे हैं, जिससे उनकी सीखने की क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है. शिक्षकों के अनुसार, प्रयोगशाला आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों में कई सकारात्मक बदलाव सामने आये हैं. बच्चों में सवाल पूछने की प्रवृत्ति बढ़ी है और उनका आत्मविश्वास पहले से मजबूत हुआ है. साथ ही विज्ञान के प्रति डर खत्म हो रहा है. समूह में प्रयोग करने के दौरान वे टीमवर्क, अनुशासन, जिम्मेदारी और सहयोग की भावना भी सीख रहे हैं. उपकरणों का बारी-बारी से सावधानीपूर्वक उपयोग करना उन्हें व्यावहारिक जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य सिखा रहा है. शिक्षा के स्तर में सुधार बता दें कि सरकारी विद्यालय की यह पहल न सिर्फ शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठा रही है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा से जोड़ने का मजबूत माध्यम भी बन रही है. यह प्रयोगशाला आने वाले समय में विज्ञान के क्षेत्र में नयी संभावनाओं के द्वार खोलने में अहम भूमिका निभा सकती है. इसी क्रम में इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय कर्णपुरा के प्रधानाध्यापक रामेश्वर सिंह ने बताया कि विद्यालय प्रशासन छात्रों को विज्ञान को समझने और इससे जुड़ने के लिए पूरी तरह गंभीर है. उन्होंने कहा कि विज्ञान शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रयोगशाला विधि से पढ़ाई कराएं, ताकि बच्चे विज्ञान की बारीकियों को आसानी से समझ सके और विषय के प्रति उनकी रुचि लगातार बनी रहे.

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Author: VIKASH KUMAR

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