भीषण जाम से कराहता रहा रामगढ़, एंबुलेंस भी फंसी

एक घंटे बाद दुर्गा चौक पहुंचे थानाध्यक्ष ने पुलिस जवानों के साथ हटवाया जाम

# एक घंटे बाद दुर्गा चौक पहुंचे थानाध्यक्ष ने पुलिस जवानों के साथ हटवाया जाम # बिस्कोमान के पास बस स्टैंड होने के बाद भी दुर्गा चौक पर खड़े हो रहे यात्री वाहन दुर्गा चौक की अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनी जाम की वजह रामगढ़. गुरुवार की दोपहर एक बार फिर बाजार की मुख्य सड़क एनएच-319 ए करीब एक घंटे तक जाम से हलकान रही. इस दौरान एफसीआइ गेट से बैंक ऑफ इंडिया तक लगभग एक किलोमीटर तक लगे भीषण जाम में फंसे वाहनों के लगातार बजते हॉर्न से बाजारवासी परेशान रहे. वहीं, बक्सर से वाराणसी जाने वाली एक एंबुलेंस के पहिये भी लगातार सायरन बजाने के बाद थमे रहे. करीब एक घंटे तक लगे जाम के दौरान न तो पुलिस के जवान दिखे और न ही नगर पंचायत के कर्मी. ऐसे में वाहन चालक भगवान भरोसे अपने वाहनों में बैठे रहे. लगभग एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा ने दुर्गा चौक पहुंच पुलिस जवानों के साथ जाम से निजात दिलाने की कमान संभाली, तब जाकर मुख्य सड़क से धीरे-धीरे जाम हटा. बाजार में जाम लगने का सबसे बड़ा कारण दुर्गा चौक की अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था है. एक वर्ष पहले 40 लाख रुपये की लागत से बिस्कोमान भवन के पास बस स्टैंड बनने के बाद भी चौक पर दिन भर बसें व टेंपो मनमानी ढंग से खड़े रहते हैं. निर्धारित स्टॉप को नजरअंदाज कर चालक बीच सड़क पर ही यात्रियों को उतारने व चढ़ाने का काम जारी रखते हैं. फुटपाथ व सड़क किनारे अतिक्रमण जाम को और भयावह बना देता है. मुख्य सड़क के दोनों ओर सब्जी व फल की दुकानें ठेलों की कतार में लग जाती हैं. दोपहिया वाहन भी सड़क किनारे बेधड़क खड़े कर दिये जाते हैं. नतीजा यह होता है कि चौड़ी सड़क चंद मीटर में सिमट कर रह जाती है और वाहन रेंगने को मजबूर हो जाते हैं. बस स्टैंड का उपयोग नहीं होने से लाखों रुपये की लागत से बना यह स्टैंड बेकार पड़ा है. बाजार को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि सड़क किनारे दुकानों को व्यवस्थित किया जायेगा, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है. कई जगह स्थायी निर्माण के साथ अस्थायी दुकानें लगाकर सड़क पर कब्जा जमा लिया गया है. प्रशासनिक बैठकों व कार्रवाई के दावों के बावजूद अतिक्रमण हटाने का अभियान अधूरा है, जिससे हालात और गंभीर होते जा रहे हैं. जाम का सबसे दुखद असर एंबुलेंस से वाराणसी व भभुआ सदर अस्पताल जा रहे मरीजों व स्कूल बस से घर लौटने वाले बच्चों पर पड़ता है. दुर्गा चौक से गुजरने वाली एंबुलेंस घंटों जाम में फंसी रहती हैं, जिससे मरीजों की जान पर बन आती है. कई बार एंबुलेंस के सायरन भी भीड़ व अव्यवस्था के बीच दबकर रह जाते हैं. वहीं, स्कूल से घर लौटती बसें भी जाम में फंस जाती हैं, जिससे बच्चों व अभिभावकों को भारी परेशानी होती है. यदि बस स्टैंड को पूरी तरह कार्यशील कर दिया जाये व दुर्गा चौक पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाते हुए सड़क किनारे अतिक्रमण किये दुकानों पर कठोर कार्रवाई की जाये, तो स्थिति में बड़ा बदलाव संभव है. क्या कहते हैं थानाध्यक्ष इस संबंध में थानाध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा ने कहा कि जाम बाजार की सबसे गंभीर समस्या है. इसे लेकर सीओ से मौखिक बात हुई है. आज नगर पंचायत के इओ को पत्र लिखकर इस पर उनका मंतव्य मांगा जायेगा. दो चार दिनों में इसके ठोस उपाय किये जायेंगे. क्या कहते हैं इओ नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल कुमार ने कहा कि बुधवार को डीएम साहब के निर्देश पर जाम से निजात दिलाने के लिए आंबेडकर चौक व दुर्गा चौक पर दो-दो पुलिस जवानों की तैनाती को लेकर सीओ के साथ संयुक्त आवेदन बनाकर डीएम साहब को भेजा जा रहा है. पुलिस जवानों की प्रतिनियुक्ति से जाम पर काबू पाया जायेगा.

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Author: VIKASH KUMAR

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