सात माह से मनरेगा कर्मियों को नहीं मिला वेतन, होली का रंग पड़ा फीका

पीओ, पीआरएस व मजदूरों को जनवरी 2026 से अब तक भुगतान नहीं

# पीओ, पीआरएस व मजदूरों को जनवरी 2026 से अब तक भुगतान नहीं # पीटीए, कंप्यूटर ऑपरेटर व सहायक को अगस्त 2025 से नहीं मिला वेतन मोहनिया सदर. मनरेगा अधिकारी, कर्मियों व कार्य करने वाले मजदूरों को भुगतान नहीं मिलने से इस बार इनके घरों में होली का रंग फीका रहेगा. कुछ मनरेगा कर्मियों की मानें तो पहली बार ऐसा हुआ जब होली जैसे पर्व में भी वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है. कार्यरत सभी पंचायत रोजगार सेवक व मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारियों का वेतन भुगतान जनवरी व फरवरी 2026 का लंबित है. जबकि, कंप्यूटर आपरेटर, तकनीकी सहायक व पीटीए का अगस्त 2025 से ही वेतन बकाया है. वहीं, मनरेगा में कार्य करने वाले सैकड़ों मजदूरों को 12 जनवरी 2026 से अब तक का मजदूरी भुगतान की राशि उनके खाते में नहीं प्राप्त हुई है. इतना ही नहीं मनरेगा में पिछले लगभग दो वर्ष से सामग्री का भुगतान नहीं किया गया है. जानकार बताते हैं कि बिहार सरकार का खजाना ही खाली पड़ा है, मैटेरियल भुगतान के लिए सिर्फ 16 प्रतिशत राशि ही प्राप्त है. पीआरएस को समझ नहीं आ रहा है कि किस वेंडर को सामग्री खरीद का कितना प्रतिशत भुगतान इतना कम रुपये में किया जाये, लगभग दो वर्ष से अधिक समय से दुकानदारों से खरीद की गयी मैटेरियल का भुगतान राशि के अभाव में बकाया है, जिसका नतीजा है कि वेंडर सर पर चढ़े हुए है. सबसे बड़ी समस्या तो मनरेगा में कार्य करने वाले उन वास्तविक मजदूरों की है, जिनको मजदूरी का भुगतान अभी तक नहीं किया जा सका है. उनके घरों में फगुआ का रंग कैसे चढ़ेगा, यह काफी चिंता का विषय है. कमोवेश यही स्थिति मनरेगा पीओ व उन कर्मियों की भी है जिनके बच्चों की पढ़ाई का फी, इलाज का खर्च के साथ घर का खर्च भी चलाना मुश्किल हो गया है. होली में बच्चों को नया कपड़ा तक खरीदने की स्थिति में कुछ मनरेगा कर्मी नहीं है, जिनके जीवन यापन का जरिया सिर्फ नौकरी है वैसे कर्मी तो कर्ज लेकर गुजर बसर कर रहे है, रंगों का पर्व होली भी इस बार मनरेगा कर्मियों, अधिकारियों व मजदूरों के लिए उमंग भरी नहीं रहेगी.

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By VIKASH KUMAR

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