भटवलिया आंगनबाडी केंद्र पर बच्चों की बनायी जाती है फर्जी उपस्थिति

बीडीओ नुआंव के औचक निरीक्षण में केंद्र पर नहीं पाया गया एक भी बच्चा

भभुआ. प्रखंड के मिनी आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 118 ग्राम भटवलिया वार्ड नंबर नौ पर बच्चों की उपस्थिति फर्जी बनायी जाती है. इसका खुलासा प्रखंड विकास पदाधिकारी नुआंव ने भटवलिया आंगनबाड़ी केंद्र के औचक निरीक्षण के दौरान किया. ग्रामीणों ने बीडीओ से बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र नियमित नहीं खुलने के कारण बच्चे केंद्र पर नहीं जाते हैं. इस आलोक में बीडीओ नुआंव ने 17 अप्रैल 2025 को भटवलिया मिनी आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया. इधर, इस संबंध में पूछे जाने पर बीडीओ नुआंव गुलशन कुमार ने बताया कि भटवलिया मिनी आंगनबाड़ी के नहीं खुलने और बच्चों के नहीं जाने की शिकायत तीन-चार बार ग्रामीणों ने की थी. इसके बाद 17 अप्रैल की सुबह 10 बजे केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचा, तो वहां पर सेविका रंजना राय उपस्थित थी. लेकिन, बच्चे एक भी कहीं दिखाई नहीं दे दिये. इसके बाद सेविका से उपस्थिति पंजी मांगी गयी और उपस्थिति पंजी के अवलोकन पर देखा गया कि पंजी में 25-26 बच्चों की उपस्थिति दर्शायी गयी है. जब केंद्र पर कोई बच्चा उपलब्ध नहीं है. इस संबंध में जब सेविका से पूछा गया तो उसका कहना था कि बच्चे भाग गये. अभिभावकों का कहना था कि केंद्र नियमित खुलता नहीं, इसलिये बच्चे जाते नहीं. बीडीओ ने बताया कि मिनी केंद्र होने के कारण यहां सहायिका का पद नहीं है. उन्होंने बताया कि केंद्र के जांच की रिपोर्ट जिलापदाधिकारी, आइसीडीएस के प्रोग्राम पदाधिकारी सहित अन्य वरीय पदाधिकारियों को भेज दिया गया है. इन्सेट अप्रैल माह में ही सीडीपीओ के निरीक्षण में नहीं पाये गये थे बच्चे प्रतिनिधि भभुआ. जिले के नुआंव प्रखंड का भटवलिया मिनी आंगनबाड़ी केंद्र कैसे चल रहा है, जिसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसी अप्रैल माह में ही बीडीओ के पहले बाल विकास परियोजना पदाधिकारी नुआंव द्वारा इस मिनी आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया गया था. लेकिन, प्रखंड विकास पदाधिकारी नुआंव के अनुसार सीडीपीओ के निरीक्षण में भी बच्चे नहीं पाये गये थे. संभवत: एक बच्चा पाया गया था. इधर, मिली जानकारी के अनुसार मार्च माह में इस आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण जब पर्यवेक्षिका द्वारा किया गया, तो बच्चों की उपस्थिति शत प्रतिशत दर्शायी गयी थी. बहरहाल मिला जुला कर स्पष्ट है कि इस केंद्र पर अगर बिना बच्चों के उपस्थिति के पंजी में उपस्थिति दर्शायी जाती है तो सरकार के पोषाहार योजना को बड़ा चूना लगाया जा रहा है.

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Published by: Panchdev kumar

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