बसिनी आंगनबाड़ी केंद्र के पास फेंका जा रहा कूड़ा, लगा अंबार

बसिनी गांव में नौनिहालों के पठन पाठन के लिए अवस्थित आंगनबाड़ी केंद्र से मात्र पांच से सात फुट की दूरी पर घरों का गंदा कचरा फेंककर उनके भविष्य व स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं

रामपुर. एक तरफ गांव-गांव, शहर-शहर सरकार स्वच्छता को लेकर लाखों करोड़ों रुपये खर्च करने के साथ लोगाें को जागरूक कर रही है. दूसरी तरफ प्रखंड क्षेत्र की जलालपुर पंचायत के बसिनी गांव में नौनिहालों के पठन पाठन के लिए अवस्थित आंगनबाड़ी केंद्र से मात्र पांच से सात फुट की दूरी पर घरों का गंदा कचरा फेंककर उनके भविष्य व स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. आलम यह है कि गांव के ही ग्रामीण महिला व पुरुषों के फेंके गये कचरे से आंगनबाड़ी केंद्र के ठीक मुख्य दरवाजे के सामने कचरे का अंबार लग गया है. घर का कूड़ा करकट, राख पात केंद्र के सामने ही लाकर फेंक दिया जाता है. यहां कूड़े के सड़न से हर वक्त दुर्गंध निकलती रह रही है, जिससे बच्चों में संक्रामक रोग होने की संभावना बढ़ गयी है. कभी भी बच्चे संक्रामक रोग से ग्रसित हो सकते हैं. इससे उनके भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है. गौरतलब है कि स्वच्छता को ले जिला से लेकर प्रखंड के पंचायत व गांव सहित लोगों को योजना के माध्यम से जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन ले लेकर प्रखंड स्तर के पदाधिकारी व कर्मी द्वारा क्या क्या नहीं किया गया, लेकिन बसिनी गांव में स्वच्छता को ले पुरुष व महिलाओं पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं दिख रहा. आंगनबाड़ी केंद्र की बगल के लोग व आस पास घरों के लोग अपने ही गांव के छोटे छोटे नौनिहालों के स्वास्थ्य व भविष्य के साथ घोर अन्याय कर रहें हैं. गांव के ग्रामीण विजय बहादुर सिंह, उमा साह, बच्चन सिंह, जयवंश पांडेय, कुंवर सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर बस्ती के लोगों जहां केंद्र अवस्थित है, बार बार कहने व समझाने बुझाने पर भी लोग नहीं मान रहे, जबकि उन्हीं के छोटे बच्चे उस केंद्र में पड़ते हैं और वही लोग उसका लाभ भी लेते हैं. कुछ ग्रामीणों ने बताया कभी कभी तो ऐसा हुआ है कि महिलाओं को मना करने पर की केंद्र के सामने कूड़ा मत फेंकों, तो उनके घर के पुरुष गाली गलौज के साथ मारामारी करने पर उतारू हो जाते हैं. कहते है कि ये किसी के बाप की जगह नही है, जिसको जहां फेंकना है फेंकेगा. इधर, इस संबंध में केंद्र की सेविका कनकलता सिंह से संपर्क करने पर बताया कि केंद्र पर 99 लाभुकों की संख्या है. लेकिन मेरे लाख कहने के बावजूद कोई नहीं सुनता. इस समस्या को लेकर जनप्रतिनिधि सहित अपने विभाग को भी अनेकों बार कूड़ा फेंकने की मनाही लेकर गुहार लगायी गयी है. जनप्रतिनिधियों द्वारा मना करने के बावजूद लोग नहीं मानते हैं और केंद्र के सामने ही कूड़ा फेंक कर चले जाते हैं. कूड़े के अंबार व सड़न से हर वक्त दुर्गंध निकलती रहती है. नौनिहालों को कभी भी संक्रमण रोग अपने घेरे में ले सकता है, शासन-प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए. ……..नौनिहालों के भविष्य व स्वास्थ्य के साथ ग्रामीण कर रहे खिलवाड़ # कभी भी छोटे बच्चे हो सकते हैं संक्रमित रोग के शिकार

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Author: VIKASH KUMAR

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