निसीजा गांव के पास दाखिल-खारिज व प्रमाणपत्रों के अभाव में अटका किसानों का मुआवजा. प्रोजेक्ट मैनेजर के दो दिन की मोहलत के आश्वासन के बाद दोबारा शुरू हुआ मिट्टी भराई का कार्य रामपुर. प्रखंड क्षेत्र के करमचट थाना क्षेत्र अंतर्गत निसीजा गांव के पास भारतमाला एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य को गुरुवार को दर्जनों किसानों ने मुआवजा भुगतान नहीं होने पर रोक दिया. इसके बाद भारतमाला एक्सप्रेसवे में मिट्टी भराई के लिए चल रहे हाइवा कई घंटे तक खड़े हो गये. इसकी सूचना मिलने के बाद भारतमाला एक्सप्रेसवे के स्थानीय प्रोजेक्ट मैनेजर व पदाधिकारी पहुंचे और किसानों व मौके पर मौजूद लोगों से मामले की जानकारी ली. किसानों ने बताया कि भारतमाला एक्सप्रेसवे में निसीजा गांव के पाली मौजा में कई किसानों की जमीन जा रही है, जिसके लिए उन्हें अब तक मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है. किसान हरिहर सिंह, अवधेश सिंह, नथुनी यादव, राजेंद्र उपाध्याय आदि अन्य किसानों ने बताया कि मुआवजा भुगतान के लिए भू-अर्जन विभाग की तरफ से सर्टिफिकेट मांगा जा रहा है. इसके लिए अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज और प्रमाणपत्र के लिए कई बार चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनका दाखिल-खारिज नहीं हो पा रहा है. इसकी वजह से भू-अर्जन विभाग उनका भुगतान नहीं कर रहा है. किसानों ने बताया कि उनकी जमीन ही उनका एकमात्र सहारा है. बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, दवाई व शादी-ब्याह सब किसानों की जमीन पर फसल उत्पादन पर निर्भर होता है. लेकिन, भारतमाला एक्सप्रेसवे में उनकी जमीन जाने के बाद भी जो मुआवजा मिलना चाहिए, वह भी नहीं मिल पा रहा है. वे अपनी जमीन पर कुछ कार्य भी नहीं कर सकते, जिसकी वजह से उनके सामने कई प्रकार की परेशानियां आ गयी हैं. किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उन्हें जल्द ही मुआवजे का भुगतान नहीं होता है, तो भारतमाला एक्सप्रेसवे के कार्य पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी जायेगी. इसके बाद एक्सप्रेसवे के प्रोजेक्ट मैनेजर द्वारा किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया व दो दिन की मोहल्लत मांगी गयी. उन्होंने कहा कि दो दिनों में जल्द ही आपकी समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जायेगा, फिलहाल काम शुरू करने दिया जाये. किसानों ने प्रोजेक्ट मैनेजर के आश्वासन के बाद रोक हटा ली व काम को चालू करने दिया.
मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने रोका भारतमाला एक्सप्रेसवे का काम
निसीजा गांव के पास दाखिल-खारिज व प्रमाणपत्रों के अभाव में अटका किसानों का मुआवजा
