Kaimur News : यहां मनमाने तरीके से ड्यूटी करते हैं डॉक्टर व कर्मी

स्थानीय अनुमंडलीय अस्पताल की व्यवस्था निजाम बदलने के बाद भी नहीं बदली, पहले की तरह ही मनमाने समय से अस्पताल में डॉक्टर व कर्मी ड्यूटी कर रहे हैं

मोहनिया शहर. स्थानीय अनुमंडलीय अस्पताल की व्यवस्था निजाम बदलने के बाद भी नहीं बदली, पहले की तरह ही मनमाने समय से अस्पताल में डॉक्टर व कर्मी ड्यूटी कर रहे हैं, उन्हें किसी का भय नहीं है. यहां अस्पताल के उपाधीक्षक व मैनेजर की भी सुनने वाला कोई नहीं है. स्थिति यह है कि यहां सभी चिकित्सक व कर्मी मनमाने तरीके से अपनी ड्यूटी करते हैं. शनिवार को प्रभात खबर टीम द्वारा अनुमंडलीय अस्पताल की पड़ताल की गयी. इसमें कई डॉक्टर व कई विभाग बंद मिला, यानी 8:45 बजे तक महिला चिकित्सक से लेकर कई डाॅक्टर व कर्मी कक्ष में नहीं बैठे थे, कुर्सियां खली पड़ी थीं. जबकि, समय से पर्ची काउंटर व ओपीडी में आयुष के चिकित्सक डॉ मलय मिश्रा व डेंटल में डॉ अरुण कुमार बैठ कर इलाज कर रहे थे. यहां एक्सरे, इसीजी से लेकर प्रसव पूर्व जांच व कई विभाग बंद था, जिसके कारण मरीज घंटों बैठकर इंतजार कर रहे थे. जबकि, इमरजेंसी कक्ष में जीएनएम राजेश यादव और अमिषा कुमारी की ड्यूटी थी, जिसमें राजेश यादव और स्वीटी ड्यूटी कर रहे थे. पूछे जाने पर बताया गया कि अमिषा छुट्टी पर है. जबकि, सबसे हैरानी की बात तो यह हैं कि अस्पताल के उपाधीक्षक व मैनेजर तक अस्पताल में नहीं थे. यहां लोग शिकायत करें तो किससे करें. यदि कर्मी से मरीज किसी तरह की शिकायत करते हैं या पूछते हैं, तो उलटे मरीज पर ही दुर्व्यवहार करने का आरोप कर्मी लगा देते हैं. ऐसे में अस्पताल की बिगड़ती व्यवस्था को देखने वाला कोई नहीं हैं. यह अनुमंडलीय अस्पताल के निजाम बदलने के बाद भी यही व्यवस्था है. –शनिवार को प्रभात खबर के पड़ताल के दौरान 8:45 बजे तक अस्पताल के टीकाकरण कक्ष खुला था, लेकिन ड्यूटी में तैनात एएनएम गायब थी. यहां अनुमंडल के छोटे छोटे बच्चे को लेकर लोग टीका दिलाने के लिए पहुंचते हैं, जो अस्पताल के प्रथम तल्ला पर है. वहीं टीका की जिम्मेदारी है जिस पर, वह एएनएम मनमाने तरीके से अस्पताल पहुंचती है और इसे देखने वाला कोई नहीं है. —8:42 बजे पड़ताल के दौरान अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित शिशु विशेषज्ञ डॉक्टर के लिए बनाया गया हैं. अस्पताल में एक शिशु विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती की गयी है, जिनका कक्ष तो खुला था, लेकिन डॉक्टर नहीं थे, कुर्सी खाली पड़ी थी. — अनुमंडलीय अस्पताल में महिला मरीजों की सुविधा के लिए महिला डाॅक्टर की तैनाती की गयी हैं. इसमें शनिवार को पड़ताल के दौरान 8:42 बजे तक महिला चिकित्सक कक्ष में डॉक्टर नहीं उपस्थित थे. महिला मरीज इलाज के लिए जाकर लौट आ रहे थे. जबकि, अस्पताल में बायोमैट्रिक सिस्टम से हाजिरी बनायी जाती है, फिर भी सब बेकार हैं. — अनुमंडलीय अस्पताल में मरीजों के सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक्सरे व इसीजी मशीन लगायी गयी. लेकिन, 8:44 बजे तक इसीजी व एक्सरे कक्ष दोनों बंद था. लेकिन थोड़ी बाद एक्सरे टेक्नीशियन अजय कुमार अपने कक्ष में पहुंच गये थे, लेकिन इसीजी कक्ष बंद था. इससे मरीज लौट कर चले जा रहे थे. — अनुमंडलीय अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए अलग से प्रसव पूर्व जांच कक्ष बनाया गया हैं. यहां अनुमंडल क्षेत्र से काफी महिलाएं पहुंचती है. लेकिन शनिवार को पड़ताल के दौरान 8:43 बजे तक प्रसव पूर्व कक्ष में कोई कर्मी उपस्थित नहीं थे. मरीज लौट जा रहे थे. — अनुमंडलीय अस्पताल में आयुष्मान भारत सहायता केंद्र मरीजों कीसुविधा को लेकर खोला गया हैं. यहां 8:46 बजे तक पूरी तरह से बंद था. यहां कुत्ता काटने के बाद ऑनलाइन पर्ची पर मुहर लगाया जाता हैं, जिसके कारण मरीज परेशान थे. # क्या कहते हैं मरीज # –इस संबंध में रजियाबांध गांव निवासी संजय खरवार ने बताया हम कुत्ता काटने के बाद सुई दिलवाने के लिए अस्पताल आये हैं. यहां एक घंटे से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक बंद हैं. –इस संबंध में पसपिपरा निवासी संजय कुमार ने बताया कुत्ता काटने के बाद सुई के लिए हम अस्पताल आये हैं यह हमारा तीसरा डोज हैं, लेकिन बैठकर काफी देर से इंतजार कर रहे हैं. # क्या कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक इस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ विजय कुमार ने बताया सभी डाॅक्टर व कर्मी को समय पर अस्पताल आने का निर्देश दिया गया, फिर भी लोग नहीं आ रहे हैं. जो अनुपस्थित होंगे, उनसे बिलंब का कारण पूछा जायेगा.

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