सरस्वती पूजा में डीजे पर रहेगा प्रतिबंध, अवैध चंदा वसूली पर होगी कार्रवाई

एक सप्ताह बाद सरस्वती पूजा, अनुमंडल प्रशासन ने जारी किया निर्देश

एक सप्ताह बाद सरस्वती पूजा, अनुमंडल प्रशासन ने जारी किया निर्देश रस्वती पूजा में अब एक हफ्ता शेष, प्रतिमाओं के रंगरोगन का कार्य अंतिम चरण में भभुआ सदर..इस वर्ष 23 जनवरी को मनाये जानेवाले सरस्वती पूजा में अब मात्र एक सप्ताह शेष रह गया है. इसको लेकर भभुआ, मोहनिया सहित जिले भर में पूजा की तैयारी जोर शोर से चल रही है. हालांकि, भभुआ अनुमंडल प्रशासन ने प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने के साथ ही पर्व मनाने का निर्देश जारी किया है और डीजे पर प्रतिबंध व अवैध रूप से चंदा वसूलने पर कार्रवाई करने की बात कही है. इधर, विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी शिक्षण संस्थान, चौक चौराहे व मोहल्ले में सफलता पूर्वक सरस्वती पूजा संपन्न करने के लिए पूजा समिति की तैयारी भी अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. यह समिति मां सरस्वती की प्रतिमा, सजावट, पंडाल निर्माण व प्रसाद सामग्री की व्यवस्था के लिए आपसी चंदा एकत्रित करने में लगी हुई है. गौरतलब है कि वसंत पंचमी को सदियों से हर साल छात्रों व शिक्षकों द्वारा शिक्षण संस्थानों में सरस्वती पूजन करने की प्रथा है. लेकिन, सरस्वती पूजन अब शिक्षण संस्थानों के अलावा भी कई सामाजिक व स्वयंसेवी संगठनों द्वारा प्राय: गांव मोहल्ले के चौक-चौराहे पर किया जा रहा है. सरस्वती पूजा पर इस बार भी डीजे और अश्लील या द्विअर्थी गाने बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा. एसडीएम अमित कुमार ने बताया कि सर्वप्रथम सभी सरस्वती पूजा समिति को लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा डीजे बजाने और जबरन चंदा उगाही पर भी सख्त एक्शन लेने का निर्देश दिया गया है. जुलूस निकालने के लिए भी प्रशासन को सूचना देने का आदेश निर्गत किया गया है. जिला मुख्यालय भभुआ सहित जिले के मोहनिया, रामगढ़, कुदरा सहित ग्रामीण इलाकों में मूर्तिकार अपने सहयोगियों के साथ युद्ध स्तर पर मां सरस्वती की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में दिन रात एक किये हुए हैं. जैसे- जैसे समय बीतता जा रहा है मूर्तिकारों की परेशानी प्रतिमा निर्माण को लेकर बढ़ती जा रही है. वहीं, छात्र व पूजा करने वाले संगठन भी अभी से ही मूर्ति को पसंद कर उसे खरीदारी शुरू कर दी है. जैसे जैसे समय नजदीक आ रहा है. बाजार में प्रतिमा बनाने का काम जोर शोर से होने लगा है. कहीं प्रतिमा को रंगने का काम तो कहीं उन्हें आकार देने तो कहीं सुखाने में मूर्तिकार जुटे हैं. मुख्यालय के प्रखंड कार्यालय के समीप, बिजली कॉलोनी, शक्तिनगर, नगर पर्षद परिसर, शहीद भवन के समीप सैकड़ों की संख्या में माता सरस्वती की प्रतिमाएं बन कर तैयार हो रही है. = महंगी होगी प्रतिमा बढ़ते लागत की वजह से इस साल अन्य साल की अपेक्षा प्रतिमा की कीमत में बढ़ोतरी की संभावना जतायी जा रही है. मूर्तिकार कोचस निवासी पिंटू प्रजापति बताते हैं कि पुआल, मिट्टी, लकड़ी से लेकर रंग की कीमत में बढ़ोतरी हो गयी है. इसका असर प्रतिमा की कीमत पर भी रहेगा. इस बार दस से 20 प्रतिशत तक प्रतिमा के कीमत में बढ़ोतरी की गयी है. = सजावट के लिए बिजली का कनेक्शन लेना जरूरी इधर एसबीपीडीसीएल ने सरस्वती पूजा में सजावट और लाइट के लिए प्रतिमा स्थल पर एजेंसी से बिजली का कनेक्शन लेना अनिवार्य कर दिया है. कार्यपालक अभियंता विद्युत शशिकांत कुमार के अनुसार, पूजा के अवसर पर शहर व जिले भर में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने पूजा करने वाले संस्थानों से कहा है कि पूजा स्थल पर विद्युत कनेक्शन अनिवार्य है. इसके अलावा निर्धारित मापदंड के अनुसार व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की आगजनी जैसी दुर्घटना न हो.

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Author: VIKASH KUMAR

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