भभुआ नगर पर्षद के उप सभापति रविता पटेल ने संभाली कार्यकारी सभापति की कमान

चार बच्चे का साक्ष्य छुपाने की वजह से आयोग ने विकास तिवारी को सभापति पद हटाया था

=चार बच्चे का साक्ष्य छुपाने की वजह से आयोग ने विकास तिवारी को सभापति पद हटाया था शहर की सफाई व जलजमाव से मुक्ति होगी नयी सभापति की प्राथमिकता भभुआ सदर. बिहार निर्वाचन आयोग द्वारा भभुआ नगर पर्षद के सभापति रहे विकास तिवारी को उनके पद से हटाये जाने के बाद उप सभापति रविता पटेल ने मंगलवार को संक्षिप्त कार्यक्रम के बाद भभुआ नगर पर्षद के कार्यकारी सभापति की कमान संभाल ली. इस दौरान नगर पर्षद भभुआ के कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय सहित वार्ड पार्षद उत्तम चौरसिया, उर्मिला देवी, प्रीति कुमारी, प्रमोद पाठक, बदरुद्दीन राईन, मनेंद्र कुमार, बलदाऊ सिंह, विजय रावत, सोनू सिंह सहित समर्थक और कार्यालय कर्मी मौजूद रहे. इस दौरान इओ और पार्षदों ने बुके देकर व माला पहनाकर कार्यकारी सभापति रविता पटेल व प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह का स्वागत किया. नगर पर्षद की सभी महिला पार्षद मंगलवार को एक महिला के हाथ में कार्यकारी सभापति की कमान आने से खुश दिखी और उनके द्वारा फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया गया. दरअसल, यह बदलाव नियमानुसार किया गया है, ताकि नगर प्रशासन का कामकाज प्रभावित न हो. कार्यकारी सभापति ने पद संभालते ही शहर के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही है. उन्होंने साफ किया कि लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा किया जायेगा और आम जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जायेगा. खासकर आनेवाले बरसात के सीजन को देखते हुए जलजमाव से निजात दिलाने, हर वार्डों और मुहल्लों में प्रकाश की व्यवस्था और साफ-सफाई पर प्राथमिकता दी जायेगी. =सभापति को हटाये जाने के बाद से पद था खाली गौरतलब है कि नगर पर्षद के पूर्व सभापति रहे जैनेंद्र आर्य द्वारा मुख्य सभापति विकास तिवारी पर चार बच्चे होने के साक्ष्य छुपाने की शिकायत राज्य निर्वाचन आयोग से की थी. इसकी सुनवाई के बाद 29 अप्रैल को आयोग ने सभापति विकास तिवारी को अयोग्य घोषित करते हुए पद से मुक्त कर दिया था. इससे उनकी कुर्सी चली गयी. विकास तिवारी पर दो से अधिक संतान होने की जानकारी (कुल 4 बच्चे होने के बावजूद) छिपाकर गलत हलफनामा देने का आरोप सिद्ध हुआ था और यह कार्रवाई बिहार नगरपालिका अधिनियम-2007 के उल्लंघन के तहत की गयी थी. आयोग के हटाये जाने के बाद सभापति का पद खाली था. लेकिन, मंगलवार को कार्यकारी सभापति के तौर पर उप सभापति रही रविता पटेल ने कार्यकारी सभापति का पदभार संभाल लिया. = सशक्त स्थायी समिति को किया गया भंग सभापति रहे विकास तिवारी का पद जाने के बाद उनके मनोनीत किये गये नगर पर्षद के सशक्त स्थायी समिति को भंग कर दिया गया है. दरअसल, सशक्त स्थायी समिति शहरी विकास और योजनाओं पर अपना मंतव्य देते हुए उन योजनाओं को पारित कराने में मदद करती है. सभापति प्रतिनिधि मंटू सिंह ने बताया कि भंग किये जाने के बाद जल्द ही सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव किया जायेगा. धारा 23 की उपधारा तीन के तहत मिली जिम्मेवारी कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने बताया कि मुख्य पार्षद का पद मृत्यु, त्याग पत्र दिये जाने, हटाये जाने अन्यथा किसी कारण से रिक्त हो या मुख्य पार्षद के छुट्टी पर जाने, बीमारी या अन्य कारण से अपने पद की शक्तियों का प्रयोग करने और अपने कर्तव्यों के नियमों के पालन करने में असमर्थ हो, तब धारा 23 की उपधारा (3) के अधीन मुख्य पार्षद के पुनर्योगदान करने तक उप मुख्य पार्षद द्वारा मुख्य पार्षद के शक्तियों का प्रयोग, संपादन और निर्वहन किया जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By VIKASH KUMAR

VIKASH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >